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टाटा समूह का भविष्य: कौन हैं 36 वर्षीया माया टाटा? संस्थापक दिवस पर जमशेदपुर में उपस्थिति ने खींचा सबका ध्यान

Published: Sun, 01 Mar 2026 08:53 PM (IST)Updated: Thu, 08 Oct 2026 01:58 AM (IST)

जमशेदपुर में संस्थापक दिवस पर नोएल टाटा के साथ माया टाटा की उपस्थिति ने सबका ध्यान खींचा। 36 वर्षीय माया ...और पढ़ें

माया टाटा।

माया टाटा।

HighLights

  1. नोएल टाटा की बेटी, टाटा-मिस्त्री परिवारों की विरासत।

  2. टाटा समूह के भविष्य के नेतृत्व में महत्वपूर्ण भूमिका।

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। जमशेदपुर में संस्थापक दिवस के गौरवशाली अवसर पर टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा के साथ उनकी बेटी माया टाटा की उपस्थिति ने कॉर्पोरेट जगत और शहरवासियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। 36 वर्षीया माया टाटा आज उस अगली पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिनके कंधों पर इस विशाल कारोबारी साम्राज्य का भविष्य टिका है। 

दो दिग्गज परिवारों की विरासत 

माया टाटा केवल एक नाम नहीं, बल्कि दो बड़े कारोबारी परिवारों की साझा विरासत हैं। वे नोएल टाटा और आलू मिस्त्री की दूसरी संतान हैं। 
 
उनकी मां आलू मिस्त्री, दिवंगत उद्योगपति साइरस मिस्त्री की बहन हैं। इस तरह माया के व्यक्तित्व में टाटा और मिस्त्री, दोनों परिवारों के व्यावसायिक गुण समाहित हैं। 

शिक्षा और करियर की शुरुआत

माया ने लंदन के प्रतिष्ठित बेज बिजनेस स्कूल और यूनिवर्सिटी ऑफ वार्विक से उच्च शिक्षा प्राप्त की। उनके करियर का ग्राफ काफी प्रभावशाली रहा है:

  •     टाटा कैपिटल: करियर की शुरुआत बतौर विश्लेषक (Analyst) की।
  •     टाटा अपॉर्च्युनिटीज फंड: यहां उन्होंने पोर्टफोलियो प्रबंधन और निवेशक संबंधों की बारीकियां सीखीं।
  •     टाटा डिजिटल: 'टाटा न्यू' (Tata Neu) सुपर-ऐप को लॉन्च करने वाली कोर टीम में उनकी अहम भूमिका रही। 

ट्रस्ट और नेतृत्व की ओर बढ़ते कदम 

टाटा समूह के सामाजिक कार्यों में भी माया सक्रिय हैं। वे टाटा मेडिकल सेंटर ट्रस्ट की बोर्ड सदस्य हैं। 
 
जनवरी 2025 में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत, माया और उनकी बड़ी बहन लिआ को सर रतन टाटा इंडस्ट्रियल इंस्टीट्यूट के ट्रस्टी बोर्ड में शामिल किया गया। वर्तमान में नोएल टाटा के तीनों बच्चे लिआ, माया और नेविल टाटा के विभिन्न छोटे ट्रस्टों के बोर्ड में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। 

रतन टाटा का विश्वास

दिवंगत रतन टाटा ने अपने जीवनकाल में ही नोएल टाटा के तीनों बच्चों को उत्तराधिकारी के रूप में अपना समर्थन दिया था। अक्टूबर 2024 में रतन टाटा के निधन के बाद, जब नोएल टाटा ने समूह की कमान संभाली, तब से माया जैसी युवा नेतृत्व पर जिम्मेदारियां और अधिक बढ़ गई हैं। 

पहचान: कम बोलना, ज्यादा काम करना

माया टाटा की कार्यशैली उनके बड़े पिता रतन टाटा जैसी ही सरल और गंभीर मानी जाती है। मीडिया की चकाचौंध से दूर रहकर लो-प्रोफाइल तरीके से काम करना उनकी पहचान है। रणनीतिक समझ और तकनीकी कौशल उन्हें आधुनिक टाटा समूह के लिए एक अपरिहार्य शक्ति बनाता है।