नाबालिग आदिवासी से यौन शोषण: कोडरमा सिविल सर्जन गिरफ्तार, मोबाइल में मिले आपत्तिजनक वीडियोज भी
कोडरमा के सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार यादव को 16 वर्षीय नाबालिग आदिवासी लड़की के यौन शोषण के आरोप में ...और पढ़ें

महिला थाना कोडरमा में पोक्सो एक्ट अजा-अजजा (अत्याचार-निवारण) अधिनियम के तहत कांड दर्ज।
HighLights
कोडरमा सिविल सर्जन डॉ. अनिल यादव गिरफ्तार।
16 वर्षीय नाबालिग आदिवासी से यौन शोषण का आरोप।
पॉक्सो और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज।
जागरण संवाददाता, कोडरमा। कोडरमा के सिविल सर्जन डाॅ. अनिल कुमार यादव को 16 वर्षीय नाबालिग के यौन शोषण के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पीड़िता की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए कोडरमा पुलिस ने उसे हिरसात में लिया और शनिवार देर रात महिला थाना में उसका बयान दर्ज कराया।
वहीं मेडिकल बोर्ड से कोडरमा सदर अस्पताल में पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण किया गया। पुलिस के अनुसार, मामले में पॉक्सो अधिनियम-2012 और एससी-एसटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
एसपी कुमार शिवाशीष ने बताया कि पीड़िता ने शनिवार को चाइल्ड हेल्पलाइन, हजारीबाग में यौन शोषण की शिकायत की थी। इसकी सूचना मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपित को गिरफ्तार किया। सोमवार को न्यायालय में पीड़िता का बयान दर्ज कराया जाएगा।
एसपी के अनुसार, आरोपित के मोबाइल फोन से कुछ आपत्तिजनक वीडियो भी बरामद हुए हैं। एसपी ने आरोपित के बयान में अपराध स्वीकार करने की बात भी कही। महिला थाना लंबी पूछताछ की गई है।

डॉ. अनिल का कोडरमा में निजी क्लिनिक।
मां के इलाज के सिलसिले में सीएस के संपर्क में आयी थी
जानकारी के अनुसार, पीड़िता हजारीबाग जिले की रहने वाली है और बरही के आसपास एक कोचिंग संस्थान में पढ़ाई करती है। बताया जा रहा है कि वह अपनी मां के इलाज के सिलसिले में सिविल सर्जन के संपर्क में आई थी।
आरोप है कि इसी दौरान उसे कथित तौर पर झांसे में लेकर पीड़िता यौन शोषण किया गया। सूत्रों के अनुसार, पीड़िता ने अपने बयान में कई बार यौन शोषण किए जाने की बात कही है। पुलिस मामले के इस पहलू की भी जांच कर रही है।
निजी क्लिनिक भी संचालित है सिविल सर्जन का
डाॅ. अनिल कुमार यादव सरकारी सेवा के साथ कोडरमा में निजी क्लिनिक भी संचालित करते हैं। उनकी गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद जिले के स्वास्थ्य महकमे में चर्चा तेज हो गई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अधिकारी फिलहाल इस पर विस्तृत टिप्पणी करने से बच रहे हैं।
नाबालिग से जुड़े इस गंभीर मामले में पुलिस साक्ष्य जुटाने और सभी पहलुओं की जांच में लगी है। अब न्यायालय में दर्ज होने वाले बयान और जांच के दौरान सामने आनेवाले तथ्यों पर आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी।

डॉ. अनिल कुमार यादव।
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