रांची RSS कार्यालय पेट्रोल बम कांड में ED का बड़ा एक्शन, 4 राज्यों में एक साथ छापामारी; पटना में भी पहुंची टीम
रांची में आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम हमले के मामले में ईडी ने चार राज्यों - झारखंड, बिहार, दिल्ली और ...और पढ़ें

ईडी की चार राज्यों में छापामारी।
HighLights
रांची आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम हमले की जांच।
ईडी ने झारखंड, बिहार, दिल्ली, कर्नाटक में की छापामारी।
राज्य ब्यूरो, रांची। रांची के चुटिया थाना क्षेत्र के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के प्रदेश कार्यालय में 16 जून की रात हुए पेट्रोल बम से हमला मामले में ईडी दिल्ली में दर्ज इंफोर्समेंट केस इंफार्मेशन रिपोर्ट (ईसीआईआर) केस के आधार पर ईडी ने बुधवार को चार राज्यों में एक साथ छापामारी शुरू की है। यह छापामारी झारखंड, बिहार, दिल्ली व कर्नाटक में हो रही है।
ईडी ने उक्त ईसीआईआर इस मामले में एनआईए रांची में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर दर्ज की है। इस केस में एनआईए ने पटना में छापामारी के बाद भारी मात्रा में नकदी की बरामदगी की थी। इसके बाद ही यह मामला सामने आया कि पूरा खेल टेरर फंडिंग का है।
मनी ट्रेल, वित्तीय लेन-देन के बिंदु सामने आने के बाद मनी लांड्रिंग के मामले में ईडी ने अपनी जांच शुरू कर दी है। एनआईए की गिरफ्त में कुछ संदिग्धों के आने के बाद उनसे जुड़े ठिकानों को ही ईडी ने अपनी छापामारी में शामिल किया है। छानबीन अभी जारी है।
गौरतलब है कि इस घटना के बाद रांची पुलिस व झारखंड एटीएस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। गिरफ्तार आरोपितों का चार राज्यों से कनेक्शन जुड़ा था, जिनमें झारखंड के अलावा उत्तर प्रदेश, दिल्ली व मुंबई के आरोपित शामिल थे। पुलिस ने आरोपितों के विदेश से आने-जाने, संदिग्धों से मुलाकात, संबंधित राज्यों के अन्य सहयोगियों से मुलाकात की भी जानकारी जुटाई थी।
एनआईए ने जुलाई में दर्ज की थी प्राथमिकी
एनआईए ने जुलाई महीने में प्राथमिकी दर्ज की थी। यह प्राथमिकी रांची के चुटिया थाने में 17 जून को दर्ज कांड संख्या 85/26 के आधार पर की थी। एनआईए ने अपने रांची थाने में आरसी-01/2026/एनआईए/आरएनसी के तहत केस दर्ज की थी।
इसमें भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के अलावा विस्फोटक अधिनियम व अनलाफूल एक्टिविटी प्रीवेंशन एक्ट लगाया था। केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश के आलोक में अज्ञात अपराधियों के विरुद्ध यह प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
एनआईए के पूर्व झारखंड पुलिस की आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने चुटिया थाने में दर्ज उक्त प्राथमिकी की जांच का प्रभार अपने अधीन लिया था। एटीएस ने अपनी जांच के क्रम में घटनास्थल का भी जायजा लिया था और वहां मौजूद लोगों तथा आसपास के लोगों से भी पूछताछ की थी।
16 जून की रात आरएसएस कार्यालय पर हुआ था पेट्रोल बम से हमला
रांची के चुटिया थाने में आरएसएस रांची के प्रांत कार्यालय प्रमुख नरसिंह कुमार ने दर्ज प्राथमिकी में बताया था कि 16 जून की रात 12 बजकर 36 मिनट पर उक्त कार्यालय पर पेट्रोल बम से अज्ञात व्यक्तियों ने हमला किया था। सीसीटीवी में साफ दिखा था कि दो अज्ञात व्यक्तियों ने पेट्रोल बम फेंका था। उनके चेहरे ढके हुए थे।
उस वक्त संघ कार्यालय के भीतर करीब 20 लोग रह रहे थे। उनकी जान को खतरा हो सकता था। संघ की सभी संपत्ति जलकर राख हो सकती थी। अपराधियों का मंसूबा संघ कार्यालय को उड़ाने की थी। जांच के क्रम में रांची पुलिस ने कोडरमा के पास गझंडी रेलवे स्टेशन के पास से सैफ अंसारी व अमन अंसारी उर्फ गोलू को गिरफ्तार किया था।
सैफ अंसारी लोहरदगा के बगरू मोड़, ईमली मोड़ के पास बड़ा तलाब का निवासी है, जबकि अमन अंसारी उर्फ गोलू भी लोहरदगा के न्यू आजाद बस्ती का रहने वाला है। दोनों ने पूछताछ में अपने तीसरे साथी सायम सुजान का नाम लिया, जिसकी गिरफ्तारी रांची से हुई थी।
सायम सुजान भी लोहरदगा के पत्थलकुदवा स्थित फुलबगान का निवासी है। गिरफ्तार आरोपित सैफ अंसारी 18 जून को कोतवाली थाना परिसर से भाग गया था, जिससे चान्हो थाना क्षेत्र में पुलिस से मुठभेड़ हुई थी। मुठभेड़ में पैर में गोली लगने के बाद सैफ फिर से पकड़ा गया था। इस मामले में उसके विरुद्ध रांची के कोतवाली में हाजत से भागने व चान्हो में पुलिस का हथियार छिनने व मुठभेड़ मामले में भी अलग-अलग दो प्राथमिकियां दर्ज है।
