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झारखंड में मतदाता बनने के लिए स्थानीय लोगों के खतियान और वंशावली से छेड़छाड़ कर रहे घुसपैठिए

Updated: Wed, 26 Aug 2026 04:31 PM (IST)

SIR Jharkhand: झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को अलर्ट किया है कि विदेशी नागरिक खतियान ...और पढ़ें

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को किया अलर्ट।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को किया अलर्ट।

HighLights

  1. विदेशी नागरिक मतदाता सूची में नाम जोड़ने का प्रयास कर रहे।

  2. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को किया अलर्ट।

  3. खतियान, वंशावली और उम्र संबंधी दस्तावेजों की हो गहन जांच।

राज्य ब्यूरो, रांची। राज्य में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के तहत विदेशी नागरिक भारतीय नागरिक के खतियान अथवा वंशावली में छेड़छाड़ कर स्वयं को भारतीय नागरिक अथवा उस परिवार का वंशज दर्शाते हुए मतदाता सूची में अपना नाम सम्मिलित कराने का प्रयास कर रहे हैं।

इसकी शिकायतें प्राप्त हाेने के बाद राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को अलर्ट किया है। उन्होंने कहा है कि ऐसे व्यक्ति की सूचना संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ) को अवश्य दें।

मतदाता सूची में नाम सम्मिलित कराने के उद्देश्य से जानबूझकर गलत अथवा असत्य विवरण, लिखित बयान या घोषणा प्रस्तुत किए जाने के मामलों में उपलब्ध तथ्यों एवं दस्तावेज की जांच करते हुए लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 सहित अन्य संगत विधिक प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने जिला निर्वाचन पदाधिकारियों से कहा है कि सुनवाई के क्रम में मतदाता द्वारा प्रस्तुत खतियान, वंशावली अथवा पारिवारिक संबंध से संबंधित अन्य अभिलेखों का सावधानीपूर्वक जांच की जाए।

यदि किसी मतदाता अथवा स्थानीय नागरिक के संज्ञान में ऐसा कोई मामला आता है, जिसमें किसी व्यक्ति द्वारा खतियान अथवा वंशावली में छेड़छाड़ कर स्वयं को किसी परिवार का वंशज बताकर मतदाता सूची में शामिल होने का प्रयास किया जा रहा हो, तो इसकी जानकारी संबंधित ईआरओ को अवश्य दी जाए। ऐसी शिकायत प्राप्त होने पर उपलब्ध दस्तावेज एवं तथ्यों की गहन जांच कर निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

खतियान धारक या स्थानीय नागरिक की संलिप्तता पर हो कार्रवाई

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि यदि किसी खतियान धारक, परिवार के सदस्य अथवा अन्य व्यक्ति की ऐसे प्रकरण में जानबूझकर संलिप्तता पाई जाती है तथा किसी विदेशी अथवा अन्य अपात्र व्यक्ति को मतदाता सूची में सम्मिलित कराने के उद्देश्य से गलत दस्तावेज, तथ्य, बयान अथवा घोषणा प्रस्तुत करने या कराने में उसकी भूमिका सामने आती है, तो मामले की प्रकृति एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उसके विरुद्ध भी लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 तथा अन्य संगत विधिक प्रावधानों के अधीन नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

उन्होंने कहा कि नोटिस एवं सुनवाई की प्रक्रिया का उद्देश्य किसी पात्र भारतीय नागरिक को अनावश्यक रूप से परेशान करना नहीं,
बल्कि मतदाता सूची में उपलब्ध विवरणों की तार्किक विसंगतियों का निराकरण करना है।

इसलिए ईआरओ एवं एईआरओ प्रत्येक मामले में संबंधित मतदाता को अपना पक्ष रखने तथा निर्धारित दस्तावेज उपलब्ध कराने का समुचित अवसर दें। दस्तावेजों एवं तथ्यों की जांच के बाद ही नियमानुसार कारणयुक्त आदेश पारित किया जाए।

उम्र से संबंधित तार्किक विसंगतियों की सावधानीपूर्वक करें निष्पादन

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि मतदाता सूची में उम्र से संबंधित तार्किक विसंगतियों के मामलों की सुनवाई पूरी गंभीरता एवं सावधानी के साथ सुनिश्चित कराएं।

ऐसे मामलों में मतदाता द्वारा उपलब्ध कराए गए जन्म एवं पारिवारिक संबंध से जुड़े दस्तावेज तथा अन्य निर्धारित अभिलेखों का समुचित परीक्षण करते हुए भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों (ईआरओ) के स्तर से नियमानुसार निष्पादन सुनिश्चित कराया जाए।

उम्र से संबंधित तार्किक विसंगतियों की जांच केवल किसी एक प्रविष्टि अथवा एक दस्तावेज तक सीमित न रखी जाए। यदि एक ही माता-पिता की एक से अधिक संतानें मतदाता सूची में पंजीकृत हैं, तो उनकी जन्मतिथि एवं जन्म से संबंधित दस्तावेजों का एक साथ मिलान किया जाए।

माता-पिता एवं संतानों की आयु में तार्किक अंतर सहित परिवार से संबंधित उपलब्ध अभिलेखों का समग्र परीक्षण किया जाए ताकि किसी त्रुटिपूर्ण विवरण के आधार पर निर्णय न हो तथा वास्तविक पात्र मतदाता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

महिला मततदाता के संबंध में पैतृक परिवार से प्राप्त करें जानकारी

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि यदि किसी महिला मतदाता के संबंध में वंशावली अथवा पारिवारिक संबंध का सत्यापन आवश्यक हो, तो उसके पैतृक परिवार एवं वंश से संबंधित जानकारी भी प्राप्त की जाए।

उपलब्ध दस्तावेजों एवं पारिवारिक विवरणों का आपस में मिलान करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि सत्यापन निष्पक्ष, तथ्यपरक एवं निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप हो।