विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

अर्णब चक्रवात से धान की फसल के नुकसान का होगा सर्वे, झारखंड सरकार देगी किसानों को मुआवजा

Published: Thu, 29 Oct 2026 06:10 PM (IST)

बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान अर्णब के मद्देनजर झारखंड के सभी जिलों को अलर्ट पर रखा गया है। ...और पढ़ें

आपदा प्रबंधन मंत्री डाॅ. इरफान अंसारी ने सभी डीसी को तत्काल सर्वे व राहत के दिए निर्देश, तस्वीर गढ़वा में खराब फसल की।

आपदा प्रबंधन मंत्री डाॅ. इरफान अंसारी ने सभी डीसी को तत्काल सर्वे व राहत के दिए निर्देश, तस्वीर गढ़वा में खराब फसल की।

HighLights

  1. चक्रवात अर्णब से धान फसल नुकसान का होगा सर्वे।

  2. आपदा प्रबंधन मंत्री ने मुआवजे के दिए निर्देश।

  3. स्वास्थ्य सेवाओं को भी अलर्ट पर रखा गया।

राज्य ब्यूरो, रांची। बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान अर्णब के मद्देनजर राज्य के सभी जिलों को अलट मोड में रखा गया है। आपदा प्रबंधन मंत्री डाॅ. इरफान अंसारी ने कहा है कि इस चक्रवाती तूफान से धान की फसलों के नुकसान का सर्वे होगा।

उन्होंने सभी जिलों के उपायुक्तों को पत्र लिखकर तत्काल प्रभाव से व्यापक स्थलीय सर्वेक्षण कराने, फसलों को हुए वास्तविक नुकसान का आकलन करने तथा प्रभावित किसानों को नियमानुसार उचित क्षतिपूर्ति उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

मंत्री ने कहा कि किसान पूरे साल मेहनत करके अपनी फसल तैयार करते हैं। प्राकृतिक आपदा के कारण अगर उनकी धान की फसल बर्बाद होती है तो यह उनके परिवार की आजीविका व आर्थिक स्थिति पर सीधा प्रहार है। धान की फसल, कृषि भूमि व किसानों को हुए नुकसान का निष्पक्ष व पारदर्शी आकलन किया जाएगा।

प्रभावित किसानों को सरकार निर्धारित प्रविधानों के तहत मुआवजा व राहत उपलब्ध कराएगी। मंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी सभी जिलों के सिविल सर्जनों को अलर्ट मोड पर रहते हुए सदर अस्पताल, अनुमंडल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं।

प्रत्येक सदर अस्पताल में कम से कम 10 अतिरिक्त बेड, आवश्यक दवाइयां, जीवनरक्षक औषधियां, आक्सीजन, एंबुलेंस व चिकित्सा उपकरण उपलब्ध रखने के भी निर्देश दिए हैं। चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की पर्याप्त तैनाती के साथ वज्रपात, सर्पदंश एवं वर्षाजनित बीमारियों से निपटने की विशेष तैयारी रखने को कहा गया है।

संवेदनशील एवं जलजमाव वाले क्षेत्रों, निचले इलाकों तथा नदी-नालों के आसपास विशेष निगरानी रखने, आवश्यकता पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तथा राहत एवं बचाव कार्यों के लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने काे कहा है।

सर्वे में न हो लापरवाही

मंत्री ने कहा है कि फसल को हुए नुकसान के सर्वे में किसी प्रकार की लापरवाही या खानापूर्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को हर परिस्थिति के लिए तैयार रहने तथा आपदा प्रबंधन की सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं। कहा है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही, देरी या संवेदनहीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। 

यह भी पढ़ें- झारखंड में चक्रवाती तूफान से धान-आलू की फसलें बर्बाद, गढ़वा सहित कई जिलों में प्राकृतिक आपदाओं से किसान परेशान

यह भी पढ़ें- झारखंड में 1038 सीएचओ पदों पर बंपर भर्ती, 31 अक्टूबर से करें आवेदन; यह है प्रक्रिया और योग्यता