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8 नवंबर से माओवादियों का खूनी क्रांति सप्ताह, निशाने पर ये 7 जगहें; झारखंड पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को किया अलर्ट

Published: Thu, 05 Nov 2026 04:07 PM (IST)

झारखंड पुलिस मुख्यालय ने माओवादियों के 'खूनी क्रांति सप्ताह' (8-15 नवंबर) सहित अन्य सप्ताहों के मद्देनजर सभी जिलों को अलर्ट ...और पढ़ें

8 से 30 नवंबर तक माओवादियों का खूनी क्रांति सप्ताह। (एआई जेनरेटेड इमेज)

8 से 30 नवंबर तक माओवादियों का खूनी क्रांति सप्ताह। (एआई जेनरेटेड इमेज)

HighLights

  1. 8 से 30 नवंबर तक माओवादियों का खूनी क्रांति सप्ताह।

  2. रेलवे ट्रैक से पुलिस कैंप तक, 7 जगहों पर मंडरा रहा खतरा।

  3. सभी जिलों के एसएसपी-एसपी को पुलिस मुख्यालय का अलर्ट।

राज्य ब्यूरो, रांची। माओवादियों के खूनी क्रांति सप्ताह, दमन विरोधी सप्ताह व शहीद सप्ताह के मद्देनजर सभी जिले अलर्ट पर हैं। झारखंड पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को सतर्क करते हुए विशेष दिशा-निर्देश जारी किया है।

सभी जिलों के एसएसपी-एसपी को भेजे गए पत्र में पुलिस मुख्यालय ने लिखा है कि बचे हुए माओवादी राज्य में रेलवे, पुल-पुलिया, रेल ट्रैक आदि को नुकसान पहुंचा सकते हैं, इसलिए विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

पुलिस मुख्यालय से पांच नवंबर को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि माओवादी संगठन आठ नवंबर से 15 नवंबर तक खूनी क्रांति सप्ताह मनाएंगे। वहीं, 16 नवंबर से 22 नवंबर तक दमन विरोधी सप्ताह तथा 24 नवंबर से 30 नवंबर तक शहीद सप्ताह मनाएंगे।

हालांकि, माओवादियों के लगातार आत्मसमर्पण, पुनर्वास व गिरफ्तारियाें ने माओवादी संगठन को काफी कमजोर किया है। फिर भी उक्त सप्ताह के दौरान रेल क्षेत्राधिकार में पड़ने वाले रेल खंडों, रेलवे स्थानों, रेलवे स्टेशनों, पुल-पुलिया, रेल ट्रैक, रेल गाड़ियों, मार्ग रक्षण दल व शस्त्रागार आदि पर विशेष निगरानी आवश्यक है। इसके अलावा सरकारी, गैर सरकारी प्रतिष्ठानों को भी लक्षित किए जाने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।

ऐसे स्थानों पर माओवादी पूर्व में छोटी-मोटी घटनाओं को अंजाम देकर पुलिस को वहां आने के लिए आमंत्रित कर उस स्थान पर आने-जाने वाले मार्गों में लैंड माइंस लगाकर या एंबुश कर पुलिस को लक्षित कर काफी क्षति पहुंचा चुके हैं।

पुलिस मुख्यालय का निर्देश है कि इस परिप्रेक्ष्य में किसी भी घटना की सूचना का सत्यापन गहन रूप से करें और उसके बाद आवश्यकता के अनुसार अपेक्षित कार्रवाई करें। माओवादियों के माध्यम से अंजाम दिए गए किसी भी घटना स्थल पर जाने के लिए एक ही मार्ग का उपयोग न करें।

यहां नुकसान पहुंचा सकते हैं माओवादी

- सुरक्षा बलों के कैंप जैसे थाना, पिकेट, सीएपीएफ कैंप आदि।

- सरकारी व गैर सरकारी प्रतिष्ठान, जैसे ब्लाक, अंचल कार्यालय, अनुमंडल, जिला स्तर के विभिन्न कार्यालय, बैंक तथा अन्य वित्तीय संस्थान, वन विभाग के कार्यालय, गोदाम आदि।

- संचार सेवाओं से संबंधित आधारभूत संरचनाओं जैसे दूरस्थ स्थान पर मोबाइल, बीटीएस टावर, कोल साइडिंग, कोलडंप, माइनिंग व खनन स्थान आदि।

- सभी महत्वपूर्ण रेलवे लाइन, रेलवे साइडिंग, रेलवे स्टेशन व ट्रेनें।

- राज्य मार्ग, राष्ट्रीय राज्य मार्ग व अन्य महत्वपूर्ण सड़कों में चलने वाले वाहन।

- पुल-पुलिया, हाट-बाजार।

- सुरक्षा बल, एसपीओ, पुलिस के समर्थक आदि। 

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