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झारखंड में जेपीएससी के बाद अब जेएसएससी घोटाले में सीआईडी की बड़ी कार्रवाई, सचिव से पूछताछ

Updated: Mon, 17 Aug 2026 06:58 PM (IST)

जेपीएससी घोटाले की जांच कर रही सीआईडी ने अब जेएसएससी कार्यालय पर छापा मारा है और सचिव सुधीर गुप्ता से पूछताछ की है। यह कार्रवाई टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी के बयान के बाद हुई, जिसमें पीजीटी परीक्षा 2023 में बड़े पैमाने पर धांधली का खुलासा हुआ था।

सीजीएल परीक्षा में अनियमितता को लेकर ताबड़तोड़ छापामारी और पूछताछ।

सीजीएल परीक्षा में अनियमितता को लेकर ताबड़तोड़ छापामारी और पूछताछ।

HighLights

  1. जेपीएससी जांच के बाद सीआईडी ने जेएसएससी कार्यालय पर छापा मारा।

  2. आयोग के सचिव सुधीर गुप्ता से अनियमितताओं पर लंबी पूछताछ हुई।

  3. पीजीटी परीक्षा 2023 में बड़े पैमाने पर धांधली का खुलासा हुआ।

राज्य ब्यूरो, रांची। जेपीएससी मेधा घोटाला मामले की जांच कर रही सीआईडी को जांच के क्रम में झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं में भी कथित अनियमितता की जानकारी मिली है।

पूर्व में गिरफ्तार एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी के स्वीकारोक्ति बयान में सामने आए तथ्यों के आधार पर सीआईडी ने सोमवार को जेएसएससी कार्यालय में भी छापेमारी की। साथ ही आयोग के सचिव सुधीर गुप्ता के ठिकाने पर उनसे लंबी पूछताछ भी की है।

छापेमारी में बड़े पैमाने पर दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य आदि की बरामदगी की सूचना है, जिसका सीआईडी सत्यापन करेगी। अभय कुमार तिवारी उर्फ मनोज कुमार तिवारी ने सीआईडी के सामने यह स्वीकारा है कि जेएसएससी के अधीन संचालित पीजीटी परीक्षा 2023 में भी बड़े पैमाने पर अनियमितता हुई है।

वह स्वयं किसी अजय संग्राम नामक एजेंट के माध्यम से पीजीटी अंग्रेजी परीक्षा में सफल हुआ और देवघर जिले में पदस्थापित हुआ और कॉमर्स विषय से एक अभ्यर्थी सुनील कुमार को नौकरी मिली थी। वर्ष 2023 में 18 अगस्त से 10 सितंबर के बीच कंप्यूटर आधारित विधि से आयोजित उक्त परीक्षा में 3,120 पदों पर स्नातकोत्तर शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी की गई थी।

साफ्टवेयर हैक कर अभ्यर्थियों को सफल कराया

अभय तिवारी ने इस परीक्षा में साफ्टवेयर हैक कर अभ्यर्थियों को सफल कराने की बात सीआईडी को बताई थी। उसने बताया था कि भव्या रांची, सरला-बिरला स्कूल के समीप संस्कार आइटी, बूटी मोड़ के समीप, बोकारो स्थित दो परीक्षा केंद्रों में सेटिंग की व्यवस्था की गई थी।

सीआईडी को उसने यह भी बताया है कि बूटी मोड़ के समीप स्थित परीक्षा केंद्र के संचालक अजय संग्राम अभ्यर्थियों को पहले ही यह बता देता था कि उनका परीक्षा केंद्र पर ड्रेस कोड क्या होगा और उन्हें किस लाइन में खड़ा होना होगा।

सेटिंग वाले अभ्यर्थी को उसी कंप्यूटर पर बैठाया जाता था, जिसका एक्सेस दूसरे कमरे के कंप्यूटर में होता था। वहां साल्वर गैंग प्रश्न पत्र हल करता था। पीजीटी परीक्षा में सक्रिय एजेंट्स में पटना के इमरान व अली, गिरिडीह के राजेश, बोकारो के शंकर व मनोज, हजारीबाग के सुनील शामिल थे।

जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते से भी CID ने दो दिनों तक की पूछताछ

झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते को सीआईडी ने दो दिनों तक रिमांड पर सीआइडी मुख्यालय में पूछताछ की। पूर्व में टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह, मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी, कंप्यूटर आपरेटर धर्मेंद्र कुमार व बिंसिस टेक्नोलोजी के निदेशक अरुण कुमार उर्फ अरुण शर्मा से पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर सीआईडी ने एल. खियांग्ते से पूछताछ की।

एजेंसी ने उनसे पूछा कि सबने दो करोड़ रिश्वत लेकर टीडीपीएल व बिंसिस टेक्नोलोजी को जेपीएससी में काम देने का आरोप लगाया है। इतना ही नहीं, दोनों एजेंसियों के साथ यह शर्त भी रखा गया था कि प्रत्येक बिलिंग पर 20 प्रतिशत कमीशन भी देना होगा।

सीआईडी के सूत्रों की मानें तो तथ्य व सबूतों के सामने एल. खियांग्ते भी खुद को बचा नहीं सके। उन्होंने सीआईडी को पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी है।

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