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'फूटी कौड़ी नहीं है' से लेकर 'बस 5 मिनट में पहुंचा' तक... क्या अपके दोस्त भी बोलते हैं ये सफेद झूठ?

Updated: Sat, 01 Aug 2026 02:12 PM (IST)

हर एक फ्रेंड सर्कल में यहां बताए झूठ बड़े कॉमन है, कभी इनपर हंसी आती है तो कभी खूब गुस्सा।

दोस्तों के सफेद झूठ जिनपर कभी हंसी आती है तो कभी गुस्सा (Image Source: AI Generated)

दोस्तों के सफेद झूठ जिनपर कभी हंसी आती है तो कभी गुस्सा (Image Source: AI Generated)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। घर-परिवार के रिश्ते हम खुद नहीं चुन सकते पर दोस्ती एक ऐसा रिश्ता है जिसे चुनने का विकल्प हम सभी के पास है। फ्रेंडशिप की सबसे खास बात यह है कि इसमें प्यार, गुस्सा, मौज-मस्ती और दु:ख के पल सभी शामिल होते हैं। कभी-कभी तो दोस्तों में इतने झूठ भी चलते हैं जिनपर आजकल मीम्स तक बनने लगे हैं। ऐसे में ये झूठ सोशल मीडिया पर फेमस डायलॉग तक बन चले हैं, पर वो झूठ हैं कौनसे? आइए आपको बताते हैं। 

बस 5 मिनट में पहुंच रहा हूं 

दोस्तों से हमेशा यह 5 मिनट वाला डायलॉग इतनी बार सुन लिया होगा कि अब असलियत पता चल ही गई होगी। भले ही दोस्त घर में आराम कर रहा हो पर उसका कहना कि बस 5 मिनट में आ गया, 1 घंटे के बराबर है क्यों सही कहा न? 

देखते हैं  

कहीं की ट्रिप प्लान की हो या शॉपिंग पर जाना हो, दोस्तों से यह सुनने को मिल ही जाता है कि देखते हैं। वो मना तो नहीं कर रहे होते लेकिन उनकी ‘देखते हैं’ वाली टोन से साफ पता चल जाता है कि ना ही है। इस छोटू से झूठ का सोशल मीडिया पर बनने वाले मीम्स ने पर्दाफाश किया है। 

कसम से मैंने कुछ नहीं पढ़ा 

एग्जाम की टेंशन में जब हम रात को अपने किसी दोस्त को फोन लगाते हैं और उससे पेपर की तैयारी के बारे में पूछते हैं तो दूसरी तरफ से आवाज आती है कि कसम से मैंने कुछ नहीं पढ़ा। फिर वही दोस्त एग्जाम में सबसे ज्यादा लिखकर आता है, शायद यह फ्रेंडशिप में यूनिवर्सल झूठ बन गया है। 

जेब में फूटी कौड़ी नहीं है 

बर्थडे पर पार्टी लेनी हो या कोई गिफ्ट लेना हो, तब कुछ दोस्त हमेशा तैयार रहते हैं। वहीं, बात जब बिल चुकाने की आए तो दोस्त कंगाल होने का नाटक करने लगते हैं। एक बात बताओ उनका अगली बार मेरी तरफ से पार्टी वाला फेज कभी आया है? 

पेपर बहुत टफ था 

एक दिन पहले जो दोस्त कहता है कि उसने कुछ नहीं पढ़ा और अगले दिन जब वो एग्जाम हॉल से बाहर निकलता है तो यही कहता है कि पेपर बहुत टफ था। अगर पेपर टफ था और उसने कुछ नहीं पढ़ा था, फिर इतने अच्छे मार्क्स कैसे आए?