भारतीय होकर भी इन 4 राज्यों में नहीं ले सकते सीधी एंट्री, कदम रखने से पहले लेनी पड़ती है खास परमिशन
भारतीय नागरिकों को पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में जाने के लिए इनर लाइन परमिट (ILP) की जरूरत होती है।

इन राज्यों में बिना परमिशन नहीं जा सकते (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। अगर हम आपसे कहें कि भारतीय होने के बावजूद आपको भारत के कुछ राज्यों में जाने के लिए खास परमिशन लेने की जरूरत है, तो क्या आप यकीन करेंगे? हैरान करने वाला लग सकता है, लेकिन यह बात बिल्कुल सच है।
भारत के उत्तर-पूर्व में बसे राज्य अपनी खूबसूरती और संस्कृति से पर्यटकों को काफी आकर्षित करते हैं, लेकिन यहां जाने के लिए सिर्फ ट्रेन या फ्लाइट की टिकट बुक करना काफी नहीं है। यहां जाने के लिए आपको एक खास डॉक्यूमेंट की जरूरत होती है, जिसे इनर लाइन परमिट (ILP) कहा जाता है। आइए जानें किन राज्यों में जाने के लिए आपको ILP की जरूरत पड़ती है और क्यों।
इनर लाइन परमिट क्या है?
इनर लाइन परमिट एक ऑफिशियल ट्रैवल डॉक्यूमेंट है, जिसे संबंधित राज्य सरकार जारी करती है। यह भारत के ही नागरिकों को उन खास राज्यों में सीमित समय के लिए यात्रा करने या रहने की अनुमति देता है। विदेशी पर्यटकों के लिए यह नियम थोड़ा अलग है। उन्हें ILP की जगह प्रोटेक्टेड एरिया परमिट लेने की जरूरत होती है।
किन राज्यों में होती है ILP की जरूरत?
भारत के उत्तर-पूर्व में बसे अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, नगालैंड और मणिपुर में जाने के लिए आपको ILP लेने की जरूरत पड़ती है। ये सभी राज्य बेहद खूबसूरत हैं और अपनी प्राकृतिक सुंदरता के कारण लोगों को अपनी ओर आकर्षित भी करते हैं, लेकिन यहां रहने वाली जनजातीय समुदाय और उनकी संस्कृति के संरक्षण के लिए इन राज्यों में जाने से पहले इनर लाइन परमिट लेना जरूरी है। बिना इस परमिट के राज्य सरकार आपको इन राज्यों में आने की अनुमित नहीं देती।
क्यों लागू किया गया ILP?
यह नियम ब्रिटिश काल से जुड़ा हुआ है। इसकी शुरुआत ईस्टर्न बंगाल फ्रंटियर रेगुलेशन एक्ट 1873 के तरह हुई थी। अंग्रेज उस समय चाय के बागानों और लकड़ी के व्यापार को बढ़ा रहे थे। ऐसे में जनजातीय समुदायों से मुठभेड़ से बचने और व्यापार को नियंत्रित करने के लिए ILP की शुरुआत हुई थी।
स्वतंत्रता के बाद भी यह नियम बरकरार रहा। हालांकि, इसका मकसद बदल गया। अब ILP का उद्देश्य व्यापार को बढ़ावा देना नहीं है। यह जनजातीय समुदाय और संस्कृति को बाहरी प्रभाव से बचाने के लिए है। यह नियम तय करता है कि इन राज्यों की जनजातीय समुदाय की जमीन और रिसोर्सेज पर कोई बाहरी व्यक्ति कब्जा न कर सके।
कैसे ले सकते हैं ILP?
इनर लाइन परमिट के लिए आप घर बैठे आवेदन कर सकते हैं। संबंधित राज्य सरकार के ऑफिशियल पोर्टल या मोबाइल ऐप के जरिए आप परमिट के लिए अप्लाई कर सकते हैं। ये परमिट आप ऑफलाइन भी ले सकते हैं।
इन राज्यों के सरकारी भवनों या फिर राज्य के एयरपोर्ट पर बने काउंटर से परमिट लिया जा सकता है। इसके लिए आपको बस कोई ऑफिशियल आई-डी, ट्रैवल डॉक्यूमेंट्स और हाल की पासपोर्ट साइज फोटो साथ रखने की जरूरत है।
