'हनुमान अंश' देखकर बना रहे हैं 'कैंची धाम' का प्लान? जाने से पहले जरूर पढ़ लें ये पूरी ट्रैवल गाइड
उत्तराखंड में स्थित नीम करौली बाबा के कैंची धाम में श्रद्धालुओं को अनोखी शांति का अनुभव होता है।

कैंची धाम जाने के लिए पूरी ट्रैवल गाइड (Picture Courtesy: Instagram)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। उत्तराखंड में स्थित कैंची धाम अपनी शांति के लिए जाना जाता है। नीम करौली बाबा का ये धाम फिल्म हुनमान अंश की रिलीज के बाद और चर्चा में आ गया है। शिप्रा नदी के किनारे बसे इस धाम में भक्तों को एक अलग तरह की शांति का अनुभव होता है।
अगर आप भी नीम करौली बाबा के कैंची धाम जाना चाहते हैं, तो आइए जानें यहां जाने का रास्ता क्या है, किस समय जाना सही रहेगा और दर्शन से जुड़े क्या नियम हैं।
कैंची धाम पहुंचने का रास्ता
कैंची धाम नैनीताल से लगभग 17 कि.मी. की दूरी पर है। यहां रेल, सड़क और हवाई मार्ग, तीनों ही रास्तों से आसानी से जाया जा सकता है। अगर आप ट्रेन से सफर करना चाहते हैं, तो काठगोदाम कैंची धाम का सबसे करीबी रेलवे स्टेशन है। ये धाम से लगभग 38 कि.मी. दूर है। दिल्ली से काठगोदाम की सीधी ट्रेन आसानी से मिल जाएगी।
अगर आप सड़क के रास्ते कैंची धाम पहुंचना चाहते हैं, तो हल्द्वानी और भवाली से होते हुए कार या बस से 7-8 घंटे में पहुंच सकते हैं। आनंद विहार ISBT से नैनीताल की सीधी बस लें और आप आराम से वहां पहुंच जाएंगे। नैनीताल से आप दूसरी गाड़ी करके कैंची धाम जा सकते हैं।
अगर आप हवाई जहाज से कैंची धाम जाना चाहते हैं, तो पंतनगर हवाई अड्डा सबसे करीब पड़ेगा। ये आश्रम से लगभग 70 कि.मी. दूर है। यहां से आप टैक्सी लेकर आराम से कैंची धाम पहुंच सकते हैं।
कैंची धाम जाने का सही समय
कैंची धाम जाने का सबसे अच्छा मौसम मार्च से जून और सितंबर से नवंबर तक का है। अभी सितंबर चल रहा है, तो आप आराम से बेफिक्र होकर कैंची धाम जा सकते हैं। इस समय मौसम काफी सुहाना रहता है और गर्मी भी बहुत ज्यादा नहीं होती और न बहुत बारिश की समस्या रहती है।
बहुत ज्यादा बारिश के समय जाने से बचें, क्योंकि ये एक पहाड़ी इलाका है। बारिश के कारण आने-जाने का रास्ता बंद हो सकता है और भूस्खलन का खतरा भी रहता है।
कैंची धाम दर्शन का समय
कैंची धाम में दर्शन का समय सुबह 6:45 से लेकर रात 8 बजे तक है। सुबह की आरती 7 बजे और शाम को भी 7 बजे आरती होती है। यहां मंगलवार की रात को कीर्तन का आयोजन होता है और फिर आरती होती है। ये कार्यक्रम रात को 9 बजे तक चलता है।
कैंची धाम दर्शन के नियम
मंदिर परिसर में शालीनता का ध्यान रखें और उसी हिसाब से कपड़े पहनें। आश्रम के अंदर मोबाइल या कैमरा से फोटो और वीडियो लेना सख्त मना है। इसके अलावा, मंदिर में शांति बनाए रखें और शोर न मचाएं। आप शांति से बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ कर सकते हैं या राम नाम ले सकते हैं।
रहने की व्यवस्था
आश्रम में रुकने की सुविधा काफी सीमित है। इसलिए जाने से पहले अपने आश्रम की बुकिंग या आस-पास के होटल की बुकिंग कर लें। ज्यादातर लोग नैनीताल या भीमताल जैसी जगहों में होटल या होमस्टे में रुकना पसंद करते हैं। इन जगहों पर भी पहले ही होटल की बुकिंग कर लें।
