चोल वंश के मंदिर, कांजीवरम साड़ियां और ऊटी की वादियां…भारत की संस्कृति और इतिहास की झलक पेश करता है तमिलनाडु
तमिलनाडु अपनी समृद्ध संस्कृति, इतिहास और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है, जिसमें चोल वंश के मंदिर और भरतनाट्यम जैसी कलाएं शामिल हैं।
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तमिलनाडु की खासियत क्या है? (AI Generated Image)

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जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। भारत के दक्षिण में बसा तमिलनाडु अपनी संस्कृति, खूबसूरत जगहों और इतिहास के लिए जाना जाता है। चोल वंश के दौर के बने मंदिरों से लेकर भरतनाट्यम जैसी कलाओं तक को अपने भीतर समेटा यह राज्य भारत की इतिहास और संस्कृति का उदाहरण है। आइए जानें इस राज्य में क्या-क्या खास है।
तमिलनाडु की खूबसूरत जगहें
मदुरै का एतिहासिक मीनाक्षी अम्मन मंदिर, तंजावुर का बृहदेश्वर मंदिर और रामेश्वरम का मंदिर अपनी खूबसूरत नक्काशी, द्रविड़ वास्तुकला और विशाल गोपुरम के लिए जाना जाता है। धार्मिक दृष्टि से भी ये मंदिर काफी अहमियत रखते हैं।
महाबलीपुरम के शोर टेंपल अपनी अनोखी बनावट के लिए मशहूर हैं और यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों की सूची में शामिल हैं। वहीं ऊटी और कोडाइकनाल जैसे मशहूर हिल स्टेशन इस राज्य की प्राकृतिक खूबसूरती का दीदार करने के लिए बेस्ट हैं।
तमिलनाडु के व्यंजन
तमिलनाडु का खान-पान अपने स्वाद, मसालों और केले के पत्तों पर परोसने की परंपरा के लिए जाना जाता है। इडली, डोसा, सांभर, वड़ा, उत्तपम और पोंगल जैसी शाकाहारी डिशेज तमिलनाडु की शान हैं। वहीं, यहां के फिल्टर कॉफी की बात ही अलग है। नॉन वेजिटेरियन डिशेज में चेट्टिनाड चिकन अपने तीखे स्वाद के लिए मशहूर है।
तमिलनाडु के कला और संस्कृति की झलक
भरतनाट्यम, जो भारत के सबसे प्राचीन शास्त्रीय नृत्यों में से एक है, यहीं शुरू हुआ था। तमिलनाडु के मंदिरों में ही इस नृत्य का जन्म हुआ था। इस नृत्य के भाव और ताल दर्शकों का दिल जीत लेते हैं। आज यह नृत्य पूरी दुनिया में मशहूर है।
यहां के शास्त्रीय संगीत की बात करें, तो कर्नाटक संगीत अपने सुर-ताल के लिए जाना जाता है। तमिलनाडु की कलाओं में कांचीपुरम साड़ियों की हाथ से बुनाई और तंजावुर की मशहूर पेंटिंग्स दुनियाभर में मशहूर हैं। इनकी खूबसूरती और गुणवत्ता का कोई मेल नहीं है।
तमिलनाडु के त्योहार
तमिलनाडु के त्योहारों की बात करें, तो पोंगल का नाम सबसे पहले आता है। फसलों से जुड़ा ये उत्सव जनवरी के महीने में चार दिनों तक बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। अप्रैल में तमिल नव वर्ष मनाया जाता है, जिसकी रौनक देखने लायक होती है।
तमिलनाडु का पहनावा
यहां पुरुष पारंपरिक रूप से सफेद या ऑफ व्हाइट रंग की सूती धोती और शर्ट पहनते हैं। वहीं महिलाएं कांचीवरम या सूती साड़ियां पहनती हैं। बालों में फूलों का गजरा, तमिलनाडु की संस्कृति का हिस्सा है।
