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छतरपुर में कच्चा मकान ढहा, मलबे में दबकर दो बच्चियों की मौत; महिला गंभीर घायल

Published: Thu, 10 Sep 2026 02:57 PM (IST)

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में देर रात एक कच्चा मकान ढहने से दो माह की बच्ची और 14 वर्षीय ...और पढ़ें

-प्रतीकात्मक चित्र

-प्रतीकात्मक चित्र

HighLights

  1. छतरपुर में कच्चा मकान ढहने से दो बच्चियों की मौत।

  2. दो माह की शिवांगी और 14 वर्षीय रचना की जान गई।

  3. एक महिला गंभीर घायल, मंत्री ने दिया मदद का आश्वासन।

डिजिटल डेस्क, ग्वालियर। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में बुधवार देर रात दर्दनाक हादसा हो गया। हिनौता थाना क्षेत्र के क्योटा गांव में एक कच्चा मकान अचानक भरभराकर ढह गया, जिससे मलबे में दबकर दो माह की मासूम बच्ची और 14 वर्षीय किशोरी की मौत हो गई। हादसे में एक महिला गंभीर रूप से घायल हुई है, जिसका छतरपुर जिला अस्पताल में उपचार जारी है।

पुलिस के अनुसार घटना बुधवार देर रात की है। हेमा केवट (24) अपने कच्चे मकान में दो माह की बेटी शिवांगी और 14 वर्षीय ननद रचना के साथ सो रही थीं। इसी दौरान अचानक मकान भरभराकर ढह गया। तीनों मलबे के नीचे दब गईं।

हादसे की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया। मलबे से तीनों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक दो माह की शिवांगी और रचना की मौत हो चुकी थी। गंभीर रूप से घायल हेमा को उपचार के लिए छतरपुर जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

पेट और पैरों में गंभीर चोट

जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. रवि सोनी के अनुसार हेमा को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। उनके पेट और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। हालांकि उपचार के बाद उनकी हालत में सुधार बताया जा रहा है और अस्पताल में उनका इलाज जारी है।

पति गया था काम के लिए मथुरा

हेमा की सास फूला के अनुसार उनका बेटा रामरतन काम के सिलसिले में मथुरा गया हुआ था। देर रात परिवार की एक महिला घबराई हुई उनके पास पहुंची और उन्हें जगाते हुए बताया कि मकान ढह गया है और अंदर सो रहे लोग मलबे में दब गए हैं।

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मंत्री ने अस्पताल पहुंचकर जाना हाल

घटना की जानकारी मिलने पर चंदला विधायक एवं वन राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार जिला अस्पताल पहुंचे और घायल हेमा से मुलाकात कर उनके उपचार की जानकारी ली। उन्होंने दोनों बच्चियों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया।

मंत्री अहिरवार ने पीड़ित परिवार को अपनी ओर से 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने प्रशासन और सरकार की ओर से हरसंभव मदद दिलाने तथा ढह चुके मकान के पुनर्निर्माण के लिए सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया।

इस घटना से गांव में मातम का माहौल है और मृतक बच्चियों के स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल है।