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'हमने पूरा किया राम मंदिर निर्माण का संकल्प', इंदौर में बोले संघ सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, कहा- आरक्षण को लेकर न हो राजनीति

Published: Wed, 04 Nov 2026 03:42 PM (IST)

इंदौर में संघ सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि आरक्षण एक संवेदनशील मुद्दा है और इस पर राजनीति नहीं होनी ...और पढ़ें

पत्रकारों से चर्चा करते संघ सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले एवं संघ अभा प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर। (फोटो- जागरण)

पत्रकारों से चर्चा करते संघ सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले एवं संघ अभा प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर। (फोटो- जागरण)

HighLights

  1. दत्तात्रेय होसबाले ने कहा- हमें राम मंदिर बनाकर दिखाना था, दिखा दिया।

  2. आरक्षण संवेदनशील मुद्दा, राजनीति से परे, जरूरतमंदों को मिले लाभ।

  3. मतदाता सूची पुनरीक्षण पारदर्शी लोकतंत्र के लिए अत्यंत आवश्यक।

डिजिटल डेस्क, इंदौर। प्रदेश की वाणिज्यिक राजधानी इंदौर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक के अंतिम दिन बुधवार को सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने पत्रकारों से खुलकर चर्चा की। होसबाले ने स्पष्ट कहा कि आरक्षण एक संवेदनशील मसला है और इस मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। इसका उपयोग समाजहित में किया जाना चाहिए और जिन लोगों को इसकी आवश्यकता है, उन्हें आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए।

हमने राम मंदिर बनाकर दिखाया

चर्चा के दौरान जब पत्रकारों ने मंदिर को लेकर सवाल किया तो होसबाले बोले- हमें राम मंदिर बनाकर दिखाना था, दिखा दिया। हमने राम मंदिर बनाने का संकल्प पूरा किया। काशी, मथुरा और वाग्देवी धार के मामले में पूछे गए सवाल उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि कुछ मुद्दे कोर्ट में चल रहे और बाकी में समाज को आगे आना चाहिए। जो मामले कोर्ट में चल रहे हैं उन्हें वहीं रहने दें। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में संघ की डेढ़ सौ गुना शाखाएं बढ़ी हैं।

एसआईआर का किया समर्थन

मतदाता सूची के समय-समय पर पुनरीक्षण को आवश्यक बताते हुए उन्होंने कहा कि इसमें किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। मतदाता सूची में ऐसे कई लोगों के नाम दर्ज हैं, जिनका निधन हो चुका है। कई लोगों के नाम एक से अधिक स्थानों पर हैं। कुछ लोग वर्षों पहले अपना गांव या शहर छोड़कर दूसरी जगह बस गए हैं, लेकिन उनके नाम अब भी पुरानी मतदाता सूची में दर्ज हैं। ऐसे में सूची को अद्यतन करना जरूरी है, ताकि व्यक्ति का नाम उसके वर्तमान निवास क्षेत्र की मतदाता सूची में रहे।

उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति भारत का नागरिक नहीं है और उसका नाम मतदाता सूची में दर्ज है, तो यह भी गंभीर विषय है। इसका संबंध केवल चुनावी व्यवस्था से ही नहीं, बल्कि देश की आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा से भी है। मतदाता सूची को शुद्ध और त्रुटिरहित बनाने के लिए समय-समय पर पुनरीक्षण की प्रक्रिया अपनाई जाती रही है

शेषन के कार्यकाल का किया उल्लेख

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि मतदाता सूची को शुद्ध और त्रुटिरहित बनाने के लिए समय-समय पर पुनरीक्षण की प्रक्रिया अपनाई जाती रही है। जिन लोगों के नाम मतदाता सूची में नहीं होने चाहिए, उन्हें हटाया जाना चाहिए और सभी पात्र नागरिकों के नाम सूची में शामिल किए जाने चाहिए।

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'लोकतांत्रिक व्यवस्था को पारदर्शी और मजबूत बनाना है'

उन्होंने इस प्रक्रिया पर होने वाली राजनीतिक बयानबाजी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष का विषय नहीं है। इसका उद्देश्य लोकतांत्रिक व्यवस्था को पारदर्शी और मजबूत बनाना है। इसलिए राजनीतिक दलों को इसे राजनीतिक एजेंडा बनाने के बजाय निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था के लिए सहयोग करना चाहिए।

वोट चोरी के आरोप पर बोले सरकार्यवाह बोले कि यदि कोई व्यक्ति भारत का नागरिक नहीं है और उसका नाम मतदाता सूची में दर्ज है, तो यह भी गंभीर विषय है। इसका संबंध केवल चुनावी व्यवस्था से ही नहीं, बल्कि देश की आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा से भी है।

मतदाता सूची का पुनरीक्षण किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष का विषय नहीं है
उन्होंने इस प्रक्रिया पर होने वाली राजनीतिक बयानबाजी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष का विषय नहीं है। इसका उद्देश्य लोकतांत्रिक व्यवस्था को पारदर्शी और मजबूत बनाना है। इसलिए राजनीतिक दलों को इसे राजनीतिक एजेंडा बनाने के बजाय निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था के लिए सहयोग करना चाहिए।

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