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महाराष्ट्र में रिलायंस रिटेल पर लगातार दूसरे दिन FDA की कार्रवाई, गोदाम का लाइसेंस निलंबित

Published: Mon, 19 Oct 2026 02:00 AM (IST)

महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने पुणे में रिलायंस रिटेल और ब्लिंकिट से जुड़े गोदामों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं।

रिलायंस के गोदाम में एफडीए का छापा। (एआई द्वारा निर्मित फोटो।)

रिलायंस के गोदाम में एफडीए का छापा। (एआई द्वारा निर्मित फोटो।)

HighLights

  1. रिलायंस रिटेल और ब्लिंकिट गोदामों के लाइसेंस निलंबित किए गए।

  2. खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर एफडीए ने की कार्रवाई।

  3. चूहों का प्रकोप, खराब खाद्य पदार्थों का अनुचित निपटान मिला।

डिजिटल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने ने खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के कारण रविवार को लगातार दूसरे दिन रिलायंस रिटेल के खिलाफ कार्रवाई की। अधिकारियों ने बताया कि पुणे जिले के चाकण स्थित रिलायंस रिटेल के गोदाम का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है।

पुणे जिले के ही निगोजे में ब्लिंकिट से जुड़े गोदाम का लाइसेंस भी निलंबित किया गया है। एफडीए ने 17 अक्टूबर को भी पुणे और ठाणे में रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, रिलायंस रिटेल जोमैटो हाइपरप्योर समेत कई कंपनियों पर कार्रवाई की थी।

गोदाम में चूहों का प्रकोप

एफडीए के अनुसार 14 अक्टूबर को खेड़ तालुका के चाकण स्थित रिलायंस रिटेल लिमिटेड के गोदाम का निरीक्षण किया गया था। वहां मियाद पूरी कर चुके और खराब हो चुके खाद्य पदार्थों के निपटान या नष्ट किए जाने के संबंध में कंपनी संतोषजनक रिकार्ड पेश नहीं कर सकी।

गोदाम में चूहों का प्रकोप मिला, जबकि एक्सपायरी और खाद्य पदार्थों को एक साथ रखा गया था। फर्श की दरारों में काकरोच भी मिले। कर्मचारियों को परिसर में थूकते देखा गया। 15 अक्टूबर को लाइसेंस निलंबित कर दिया गया और संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई।

गोदाम का लाइसेंस निलंबित

एफडीए ने 14 अक्टूबर को खेड़ तालुका के निगोजे में ब्लिंकिट से जुड़ी एम/एस लिंकिट कामर्स प्राइवेट लिमिटेड के गोदाम का भी निरीक्षण किया था। जांच के दौरान कोल्ड रूम का तापमान पांच डिग्री सेल्सियस से अधिक पाया गया। कच्चे और अन्य खाद्य पदार्थ साथ रखे गए थे। करीब 600 कर्मचारियों में केवल पांच के पास एफओएसटीएसी (खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण एवं प्रमाणन) था।

इस गोदाम का लाइसेंस भी निलंबित कर दिया गया और प्राथमिकी दर्ज की गई है। कंपनी ऐसा कोई सत्यापन योग्य साक्ष्य नहीं दे पाई जिससे यह पता चले कि एक्सपायर हो चुके खाद्य उत्पादों को कहां, कब और कितनी मात्रा में नष्ट किया गया था।

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