महाराष्ट्र गोकुल डेयरी विवाद: कांग्रेस का आरोप- ‘अमूल को सौंपने की साजिश’, मंत्री ने किया खंडन
महाराष्ट्र सरकार द्वारा कोल्हापुर के 'गोकुल' दुग्ध संघ में पांच नए निदेशक नियुक्त करने से राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।

महाराष्ट्र सरकार ने गोकुल दुग्ध संघ में पांच नए निदेशक नियुक्त किए।

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राज्य ब्यूरो, मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में कोल्हापुर जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ यानी गोकुल डेयरी के चुनाव को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। इस लड़ाई में अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी कूद पड़े हैं।
उन्होंने महाराष्ट्र की महायुति सरकार पर दूध उत्पादकों के जनादेश की चोरी करने और गोकुल डेयरी पर कब्जा जमाने के लिए नियमों में बदलाव करने का आरोप लगाया है।
वहीं, कांग्रेस विधान परिषद सदस्य सतेज पाटिल ने सरकार के फैसले के खिलाफ नौ नवंबर को कोल्हापुर में विरोध मार्च निकालने की घोषणा की है।
राहुल गांधी ने फैसले की आलोचना की
राहुल गांधी ने गुरुवार को इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर सरकार के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि चुनाव के बाद सरकार की ओर से मनोनीत निदेशकों की नियुक्ति दूध उत्पादकों के वोटों की चोरी और जनादेश में मिलावट करने जैसा है।
उन्होंने कहा कि कोल्हापुर की गोकुल डेयरी के चुनाव में दूध उत्पादकों ने भाजपा समर्थित पैनल को पराजित किया था। इसके बाद सरकार ने नियम बदलकर अपने पक्ष में संख्या बढ़ाने के लिए अतिरिक्त निदेशकों की नियुक्ति का रास्ता निकाल लिया।
दरअसल, 19 अक्टूबर को गोकुल डेयरी के संचालक मंडल के चुनाव में कांग्रेस नेता सतेज पाटिल समर्थित पैनल ने महायुति समर्थित पैनल को शिकस्त दी थी।
कुल 25 सीटों में से पाटिल के पैनल को 13 सीटें मिली थीं, जबकि सत्तारूढ़ गठबंधन समर्थित पैनल 12 सीटों पर सिमट गया था। इसके बाद अध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया शुरू होनी थी, लेकिन विपक्षी पैनल के 12 निदेशकों के अनुपस्थित रहने से चुनाव टल गया।
निदेशकों को नोटिस जारी करने का निर्देश
इस मामले में सतेज पाटिल ने मुंबई उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। अदालत ने सभी 25 निदेशकों को नोटिस जारी करने और 10 नवंबर को अध्यक्ष पद का चुनाव कराने का निर्देश दिया। पाटिल के अनुसार, सरकार ने अदालत में 25 निर्वाचित निदेशकों के बीच ही चुनाव कराने पर सहमति जताई थी।
इसके बावजूद बुधवार को राज्य मंत्रिमंडल ने 500 करोड़ रुपये से अधिक सालाना कारोबार वाली सहकारी संस्थाओं के संचालक मंडलों में सरकार की ओर से पांच मनोनीत सदस्यों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी। गोकुल के मामले में चार अतिरिक्त निदेशकों को मतदान का अधिकार देने के फैसले को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
गोकुल डेयरी पर कब्जे की साजिश
सतेज पाटिल ने आरोप लगाया कि भाजपा नेतृत्व वाली सरकार ने केवल गोकुल डेयरी पर नियंत्रण हासिल करने के लिए यह कानून लाया है। उन्होंने इसे कोल्हापुर की जनता का अपमान और उसके स्वाभिमान को चोट पहुंचाने वाला फैसला बताया।
इसके विरोध में नौ नवंबर को दशहरा चौक से जिलाधिकारी कार्यालय तक मार्च निकाला जाएगा। इस मुद्दे पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने भी विपक्षी महाविकास आघाड़ी से एकजुट होकर संघर्ष करने की अपील की है।
वहीं, राकांपा (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले सभी लोगों से गोकुल डेयरी के अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान घेराव करने का आह्वान किया है।
कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने भी सरकार पर निर्वाचित संचालक मंडल का जनादेश पलटने की कोशिश करने का आरोप लगाया है।
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