16 साल की उम्र में दुनिया के पहले CA बन गए लक्ष्मणन मेयप्पन, गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम हुआ शामिल
लक्ष्मणन मेयप्पन ने 16 साल की उम्र में चार्टर्ड अकाउंटेंट बनकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम शामिल करवाया है। इस समय वे दुबई में सेंचुरी फाइनेंशियल में सीनियर रिसर्च एनालिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं।

CA Lakshmanan Meyyappan
HighLights
16 साल 143 दिन में सीए पास करने वाले दुनिया के पहले व्यक्ति बने लक्ष्मणन मेयप्पन।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम हुआ दर्ज।
करियर डेस्क, नई दिल्ली। टीनएज स्टूडेंट्स जो अपने भविष्य की उधेड़बुन में रहते हैं और ये सोचने में समय बिताते हैं कि वे आगे चलकर क्या करें ताकी वे भविष्य में बड़ा नाम कमा सकें, उस उम्र में लक्ष्मणन मेयप्पन ने चार्टर्ड अकाउंटेंट यानी कि CA बनने का गौरव हासिल कर लिया। इस परीक्षा को पास करने के चलते उनका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया है क्योंकि वे 16 साल 141 दिन की उम्र में इस परीक्षा को पास करने वाले दुनिया के पहले व्यक्ति बन गए हैं।
मां से शुरू हुई बेसिक कॉन्सेप्ट की शुरुआत
लक्ष्मणन मेयप्पन की मां ने कोविड-19 के दौरान अकाउंटिंग के बेसिक कॉन्सेप्ट्स से परिचित कराया। इसके बाद लक्ष्मणन की दिलचस्पी इसमें शुरू हुई और उन्होंने खुद यह क्वालिफिकेशन हासिल करने का फैसला किया। 10वीं क्लास की बोर्ड परीक्षाएं खत्म होने के तुरंत बाद उन्होंने इसकी तैयारी स्टार्ट कर दी। 15 साल की उम्र में उन्होंने ACCA क्वालिफिकेशन की पढ़ाई शुरू की और लगभग एक साल में ही लक्ष्य को हासिल कर लिया।
इसके बाद मेयप्पन ने अपना एकेडमिक और प्रोफेशनल प्रोफाइल बेहतर बनाना जारी रखा है। उन्होंने CFA चार्टर हासिल किया और अभी वे फाइनेंस में MSc कर रहे हैं। वर्तमान में वे दुबई में सेंचुरी फाइनेंशियल में सीनियर रिसर्च एनालिस्ट के तौर पर काम करते हैं, जहां उनके काम में इन्वेस्टमेंट, रिसर्च और एनालिसिस, और फाइनेंशियल मार्केट में फैसले लेना शामिल है।
घड़ियां डिजाइन करने का भी शौक
लक्ष्मणन मेयप्पन को पढ़ाई के साथ ही घड़ियां डिजाइन करने का भी शौक है। खाली टाइम में वे अपना समय इसी काम में लगाते हैं।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल होना गर्व की बात
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल होने के बाद मेयप्पन ने कहा, "यह उपलब्धि मेरे लिए बहुत मायने रखती है, लेकिन मैंने कभी भी क्वालिफिकेशन हासिल करने को किसी रेस की तरह नहीं देखा। मेरे लिए जरूरी यह समझना था कि असल दुनिया में फाइनेंस कैसे काम करता है और ऐसी स्किल्स बनाना जो समय के साथ काम आती रहें। जब सीखने की प्रक्रिया तेजी के बजाय जिज्ञासा से प्रेरित होती है, तो उसका नतीजा कहीं ज्यादा सार्थक होता है।"
