13 साल की उम्र में कमाल, भारतीय मूल की एरिका ने मूंगफली के छिलकों से किया आविष्कार
भारतीय मूल की 13 वर्षीय एरिका कुंदू ने फलों एवं सब्जियों के ऊपर से कीटनाशक अवशेषों को हटाने के लिए मूंगफली के छिलकों से एक बेहतरीन आविष्कार किया है। उ ...और पढ़ें

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HighLights
एरिका कुंदू ने मूंगफली के छिलकों से कीटनाशक हटाने के लिए किया आविष्कार।
उनका 'LIGNEX' प्रोजेक्ट 3M यंग साइंटिस्ट चैलेंज के लिए चुना गया।
करियर डेस्क, नई दिल्ली। एक 13 वर्षीय भारतीय मूल की छात्रा ने मूगंफली के छिलकों का उपयोग करके फलों एवं सब्जियों के ऊपर से कीटनाशकों अवशेषों को कम करने के लिए अविष्कार किया है। इस छात्रा का नाम एरिका कुंदू हैं। एरिका कुंदू कक्षा 7वीं की छात्र हैं और उन्होंने अपने इस प्रोजेक्ट का नाम 'LIGNEX' रखा है।
उनके इस आविष्कार के कारण उन्हें '3M यंग साइंटिस्ट चैलेंज' के लिए भी चुना गया है। इस प्रतियोगिता में एरिका को 25,000 डॉलर का पुरस्कार और 'अमेरिका टॉप यंग साइंटिस्ट' का खिताब जीतने का मौका मिलेगा।
मूगंफली के छिलके से किया अविष्कार
मूगंफली का उपयोग करने के बाद आमतौर पर इसके छिलके को फेंक दिया जाता है। लेकिन एरिका ने मूंगफली के छिलके का उपयोग करके एक ऐसा किफायती तरीका सोचा, जो कीटनाशक को हटाने में पूरी तरह से सक्षम है। बता दें, फलो और सब्जियों को धोने के बावजूद भी उनमें कुछ रसायन रह जाते हैं और यह रसायन स्वास्थ्य के लिए बेहद ही हानिकारक होते हैं। ऐसे में एरिका ने मंगूफली के छिलकों से कीटनाशक अवशेषों को हटाने के लिए एक बेहद ही किफाती तरीका सोचा, जिसके कारण उन्हें 2026 3M यंग साइंटिस्ट चैलेंज के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। एरिका द्वारा किया गया आविष्कार फलों एवं सब्जियों में से कीटनाशक अवशेषों को सोखने में पूरी तरह से सक्षम है।
3M यंग साइंटिस्ट चैलेंज के लिए शॉर्टलिस्ट
3M यंग साइंटिस्ट चैलेंज हर साल डिस्कवरी एजुकेशन द्वारा आयोजित कराई जाती है। इस प्रतियोगिता में कक्षा 5 से लेकर 8 तक उन छात्रों को आमंत्रित किया जाता है, जो रोजमर्रा की समस्याओं को विज्ञान के माध्यम से सुलझाने में सक्षम होते हैं। बता दें, इस साल इस प्रतियोगिता के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका में से कुल 10 फाइनलिस्ट का चयन किया गया है। इस प्रतियोगिता में हर प्रतिभागी अपने प्रोजेक्ट को और अधिक उपयोगी बनाने के लिए वैज्ञानिकों के साथ मिलकर काम करेंगे। यह प्रतियोगिता सेंट पॉल, मिनेसोटी स्थित 3M सेंटर में आयोजित कराई जाएगी। इस प्रतियोगिता में प्रत्येक प्रतिभागी को अपने प्रोजेक्ट को प्रस्तुत करने का मौका मिलेगा।
एस्ट्रोबायोलॉजिस्ट बनने का सपना
एरिका ने कहा कि वह 15 साल की उम्र में एक एस्ट्रोबायोलॉजिस्ट बनना चाहती हैं। इसके बाद उन्होंने कहा कि उन्होंने इस प्रतियोगिता में इसलिए भाग लिया है, क्योंकि वह अपने नवाचार को इस प्रतियोगिता के माध्यम से और ज्यादा बेहतर बनाना चाहती हैं। बता दें, एरिका ने पिछले साल मिनेसोटा स्टेट मेरिड अवार्ड जीता था। अगर एरिका इस साल 3M प्रतियोगित जीत जाती हैं, तो उन्हें 25,000 डॉलर के साथ-साथ अमेरिका टॉप यंग साइंटिस्ट का खिताब भी मिलेगा।