विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

कब तक करते रहेंगे कंपेयर, असली टैलेंट को समझकर अपने बच्चे के भविष्य को दें उड़ान

Updated: Mon, 24 Aug 2026 05:34 PM (GMT+05:30)

माता-पिता जेन-Z के जमाने में भी अपने बच्चों को दूसरों को कंपेयर करते रहते हैं जिसे आपको बंद करना है। इसके बाद आप अपने बच्चे के हिडेन टैलेंट को समझकर उस ओर उसे करियर बनाने में सहायता प्रदान करें।

बच्चों को समझकर करियर को दें उड़ान। इमेज : Magnific (formerly Freepik)

बच्चों को समझकर करियर को दें उड़ान। इमेज : Magnific (formerly Freepik)

HighLights

  1. माता-पिता बच्चों पर नजर रखकर हिडेन टैलेंट को समझें।

  2. दूसरों से कम्पैरिजन करना कर दें बंद।

करियर डेस्क, नई दिल्ली। हमारा देश ऑर्थोडॉक्स यानी कि रूढ़िवादी परिवारों का देश माना जाता है। आज भी जब बच्चा कुछ करने की सोचता है तो माता-पिता उसको दूसरों को उदाहरण देकर वहीं रोक देते हैं। इसके चलते बच्चे के मन में कई तरह के डर बैठ जाते हैं और इसी के चलते उनके अंदर छिपा टैलेंड भी कभी-कभी ठंडा पड़ जाता है या बिल्कुल खत्म हो जाता है।

समझें टैलेंट

पुराने समय में पढ़ाई-लिखाई को सर्वोपरि माना जाता है और यह भविष्य के निर्माण के लिए जरूरी भी है। ऐसे में बच्चे की पढ़ाई पर ध्यान देने के साथ ही पेरेंट्स अपने बच्चों के हिडेन टैलेंट को ध्यान में रखें। हर बच्चे में कुछ स्पेशल होता है। हो सकता है आपका बच्चा सिंगिंग, डांसिंग, एथलेटिक्स, स्पोर्ट्स, नई-नई चीजें इनोवेट करने में, टेक्निकल क्षेत्र या अन्य किसी क्षेत्र में बेहतर हो। आपको उसके इसी टैलेंट को परखना है और पढ़ाई के साथ-साथ उसे उस क्षेत्र में और आगे बढ़ाने के प्रयास करना है।

तो क्या पढ़ाई को कर दें टाटा बाय-बाय

तो जवाब है नहीं। आपको किसी भी हाल में बच्चे की पढ़ाई को नहीं रोकना है। किसी भी क्षेत्र में फेल होने पर उसका प्लान बी एजुकेशन ही है। अगर आपका बच्चा पढ़ता रहेगा तो अवश्य ही वो बेहतर भविष्य का निर्माण कर पायेगा और कभी भी फेलियर से नहीं डरेगा।

बच्चों को कंपेयर करना कर दें बंद

आज भी पेरेंट्स अपने बच्चों को समझाने के लिए या कुछ बताने के लिए दूसरों से कंपेयर करने लगते हैं। आपको इसे बदलना है। सभी माता-पिता को समझना होगा कि हर बच्चा एक जैसा नहीं हो सकता है। माना कि आपके बच्चे में किसी दूसरे बच्चे की अपेक्षा कुछ कम ज्यादा हो सकता है लेकिन आपको अपने बच्चे का हुनर भी देखना होगा जो दूसरे बच्चे के पास अवश्य ही नहीं होगा।

हुनर को पहचानकर बच्चे के करियर को दें उड़ान

अगर आपने अपने बच्चे की रुचि को पहचान लिया तो उसे सफल होने से कोई नहीं रोक सकता। आप उसको उसकी रुचि का काम करने दें और उसे निखारने में उसकी मदद करें। क्योंकि जिस क्षेत्र में बच्चे का स्वयं मन लगेगा वो उसमें अवश्य ही अच्छा करेगा। आपके द्वारा थोपी गई चीजों से अपना बेहतर कभी भी प्राप्त नहीं कर सकता है।

यह भी पढ़ें- 16 साल की उम्र में दुनिया के पहले CA बन गए लक्ष्मणन मेयप्पन, गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम हुआ शामिल