NEET UG 2026: सिर से उठा पिता का साया, दो शिक्षकों ने की पढ़ाई में मदद; अब बनेंगी गांव की पहली डॉक्टर
हिमाचल प्रदेश के एक छोटे से गांव किहरी की रहने वाली प्रियंका ने नीट यूजी की परीक्षा में सफलता हासिल कर ली हैं और अब वह अपने गांव की पहली डॉक्टर बनने ज ...और पढ़ें

पांच साल पहले हुआ पिता का दिहांत।
HighLights
कक्षा 12वीं में साइंस स्ट्रीम से किया था टॉप।
नीट परीक्षा में हासिल किए 533 अंक।
करियर डेस्क, नई दिल्ली। लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की हार नहीं होती। यह वाक्या हिमाचल प्रदेश की बेटी प्रियंका पर बिल्कुल सटीक बैठती है। प्रियंका ने अपने कठिन परिश्रम से NEET UG की परीक्षा पास कर ली है और अब वह अपने गांव की पहली डॉक्टर बनने जा रही हैं।
हालांकि नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी का यह सफर उनके लिए बिल्कुल भी आसान नहीं था। पिता के गुजर जाने के बाद परिवार पर मुसीबतों का पहाड़ टूटा। लेकिन प्रियंका के जांबाज हौसले ही थे कि उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी मेहनत व लगन से नीट परीक्षा में सफलता हासिल की। आज प्रियंका उन सभी छात्रों के लिए एक प्रेरणा की मिसाल हैं, जो मुश्किल हालातों के कारण अपने सपनों से समझौता कर लेते हैं।
बारहवीं में किया टॉप
प्रियंका हिमाचल प्रदेश किहरी गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने नीट यूजी की परीक्षा में कुल 533 अंक हासिल किए हैं। साथ ही एससी कैटेगरी के अंतर्गत उन्हें ऑल इंडिया रैंक 1608 मिली है। प्रियंका ने सरकारी स्कूल कीहरी से कक्षा 10वीं पास की है। उन्होंने कक्षा 12वीं में साइंस स्ट्रीम से अपने विद्यालय में टॉप किया था और बायोलॉजी विषय में 100 में से 100 अंक हासिल किए थे।
मां के कंधों पर बढ़ी परिवार की जिम्मेदारी
नीट यूजी की परीक्षा में सफलता हासिल करने वाली प्रियंका की मां घर चलाने के लिए प्रतिमाह 6 हजार रुपये कमाती है। वह किहरी के एक सरकारी स्कूल में बतौर मल्टी टास्क वर्कर के रूप में काम करती हैं। बता दें, 5 साल पहले ही प्रियंका के सिर से पिता का साया उठ गया था, जिसके बाद परिवार को आर्थिक तंगहाली का सामना करना पड़ा और प्रियंका की मां के कंधों पर परिवार की जिम्मेदारी आ गई।
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शिक्षक ने निभाई अहम भूमिका
परीक्षा में सफलता हासिल करने के बाद प्रियंका ने बताया है कि तैयारी के दौरान उनके दो शिक्षक रमेश नेगी और लेक्चरर प्रकाश शर्मा ने उनकी आर्थिक मदद की। प्रकाश शर्मा बताते हैं कि प्रियंका शुरुआत से ही पढ़ाई में एक होनहार छात्र रही है। लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी और न ही प्रियंका को नीट परीक्षा के बारे में ज्यादा जानकारी थी। इसके बाद दोनों शिक्षकों ने प्रियंका को नीट परीक्षा की तैयारी के दौरान आर्थिक मदद की और प्रकाश शर्मा ने शिक्षक रमेश नेगी के साथ मिलकर उन्हें मुफ्त कोचिंग भी दिलाई। यही नहीं रमेश नेगी और प्रकाश शर्मा ने प्रियंका के हॉस्टल का खर्चा भी उठाया।
MBBS की पढ़ाई में भी करेंगे मदद
प्रकाश शर्मा बताते हैं कि उन्होंने MBBS की पढ़ाई का भी पूरा इंतजाम कर लिया है। प्रकाश शर्मा उड़ान नाम से एक ग्रुप चलाते हैं। इस ग्रुप से बहुत सारे सदस्य जुड़े हुए हैं। प्रकाश शर्मा के मुताबिक इस ग्रुप से जुड़े कुछ सदस्य पढ़ाई का खर्च, तो कुछ सदस्य हॉस्टल का खर्च उठाने में मदद कर रहे हैं।