बैरिस्टर क्यों पहनते हैं विग? नहीं जानते होंगे आप, जानें क्यों 17वीं सदी से शुरू हुआ था चलन
अपने वकीलों और जजों को विग पहनते तो देखा ही होगा। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि इस चलन की शुरुआत 17वीं सदी में शुरू हुआ था। हालांकि, भारत में आजादी के ब ...और पढ़ें

बैरिस्टर और जज क्यों पहनते हैं विग, जानें डिटेल।
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वकील और जज क्यों पहनते हैं विग, चेक करें डिटेल।
आजादी के बाद भारत में इस चलन को धीरे-धीरे कर दिया गया था खत्म।
एजुकेशन डेस्क, नई दिल्ली। बैरिस्टर जिन्हें हम वकील, अधिवक्ता (Advocate) आदि नामों से भी जानते हैं। अपने वकीलों को फिल्मों, कोर्टरूम या अन्य किसी प्रकार से विग पहने देखा होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बैरिस्टर विग का इस्तेमाल क्यों करते थे और इस चलन की शुरुआत कब और कैसे हुई थी। अगर नहीं तो यह पेज आपके लिए बेहद उपयोगी है।
17वीं सदी में यूके की अदालतों से शुरू होता था चलन
आपको बता दें कि इस चलन की शुरुआत सबसे पहले UK की अदालतों में पहने जाने वाले गहरे काले गाउन और सफेद विग से हुआ था। इसके पीछे कोई खास कारण नहीं था लेकिन 17वीं सदी में विग का चलन पूरी तरह से हालात को ध्यान में रखकर केवल फैशन के लिए शुरू हुआ था। इसके बाद अंग्रेजों के शासनकाल में इस विग का इस्तेमाल भारत में देखने को भी मिला था।
भारत सहित कई देशों में अब नहीं होता विग का इस्तेमाल
आपको बता दें कि भारत के साथ ही कई देशों में यह पूरी तरह से खत्म हो गया है। 2007 में नियमों में बदलाव के बाद, बैरिस्टर्स के लिए सिविल और फैमिली लॉ कोर्ट्स में विग पहनना जरूरी नहीं रहा। UK सुप्रीम कोर्ट में भी अब बिग जरूरी नहीं है। हालाँकि, UK में क्रिमिनल मुकदमों के लिए विग पहनना अभी भी जरूरी है। इस देश में अभी भी कई वकील इन्हें पहनने में गर्व महसूस करते हैं।
भारत में अब जज और वकील क्या पहनते हैं?
भारत में स्वतंत्रता के बाद धीरे-धीरे विग के इस्तेमाल को पूरी तरह खत्म कर दिया गया। बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) द्वारा किए गए बदलावों के बाद, अब जज और वकील विग नहीं पहनते हैं।
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आज के समय में भारतीय अदालतों में जज और वकीलों का ड्रेस कोड उनकी वरिष्ठता, जेंडर और मौसम के हिसाब से तय होता है।
वर्तमान में पुरुष वकील सफेद कमीज (White Shirt) और काली पैंट (Black Trousers), सफेद नेक-बैंड (Advocate's White Band) पहनते हैं। काला कोट (Black Coat) हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट या जिला अदालतों में काला कोट पहनना अनिवार्य होता है। गर्मियों के दौरान जिला अदालतों में छूट मिलती है काला गाउन (Black Gown) केवल हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले वकीलों को कोट के ऊपर काला गाउन पहनना होता है।
महिला वकील सफेद साड़ी, सफेद सलवार-कमीज या सफेद शर्ट-काली पैंट पहनती हैं। सफेद नेक-बैंड पुरुष वकीलों की तरह अनिवार्य है। काला कोट और गाउन हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में कोट के साथ पहनना अनिवार्य होता है।
जजों का ड्रेस कोड
जज भी वकीलों से मिलती-जुलती औपचारिक पोशाक ही पहनते हैं, लेकिन उनमें कुछ खास अंतर होते हैं। जज भी वकीलों की तरह ही सफेद शर्ट, काला कोट और सफेद बैंड पहनते हैं। जज कोर्ट रूम में बैठते समय वकीलों से अलग दिखने के लिए कोट के ऊपर एक लंबा काला गाउन (Robe) पहनते हैं। वरिष्ठता की पहचान के लिए गाउन का कट और स्टाइल वकीलों के गाउन से थोड़ा अलग होता है, जिससे उन्हें आसानी से पहचाना जा सके।
रंगों का महत्व
काला रंग न्याय के प्रति समर्पण, निष्पक्षता और अधिकार का प्रतीक माना जाता है वहीं सफेद रंग सत्य, पवित्रता और कानून के सामने सब के बराबर होने का प्रतीक है।