पेट्रोल निर्यात पर 2.5 रुपये प्रति लीटर विंडफॉल टैक्स, केंद्र सरकार का बड़ा फैसला; नई दरें लागू
केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स को लेकर गुरुवार देर रात आदेश जारी किया है। ...और पढ़ें

पेट्रोल निर्यात पर 2.5 रुपये प्रति लीटर विंडफॉल टैक्स (सांकेतिक तस्वीर)
HighLights
नई दरें 16 अक्टूबर से प्रभावी होंगी
सरकार ने जारी किया आधिकारिक आदेश
रॉयटर, नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स को लेकर गुरुवार देर रात आदेश जारी किया है।
पेट्रोल निर्यात पर 2.5 रुपये प्रति लीटर और डीजल निर्यात पर 8.5 रुपये प्रति लीटर की दर से टैक्स लगेगा। नई दरें 16 अक्टूबर से प्रभावी होंगी। सरकार ने यह फैसला आधिकारिक आदेश के जरिए अधिसूचित किया है।
विंडफॉल टैक्स का उद्देश्य असाधारण परिस्थितियों में होने वाले अतिरिक्त लाभ पर कर लगाना है। यह शुल्क पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर लागू होगा।
क्या होता है 'विंडफॉल टैक्स'
विंडफॉल टैक्स का मतलब होता है, अचानक मिला मुनाफा। लेकिन आसान भाषा में आप इस तरह समझ सकते हैं कि जब पेड़ से फल हवा के झोंके से खुद-ब-खुद गिर जाते हैं और आपको बगैर मेहनत किए वो फल आसानी से मिल जाते हैं, तो यही अवधारणा विंडफॉल टैक्स कहलाती है। विंडफॉल टैक्स उस अतिरिक्त कमाई या मुनाफे को कहा जाता है, जो कंपनियों को बाहरी कारकों से अचानक प्राप्त होती है, न कि खुद की मेहनत से।
किन कारणों से लगाया जाता है टैक्स
हाल ही के कुछ वर्षों में ब्रिटेन, भारत और अमेरिका जैसे बड़े देशों ने विंडफॉल टैक्स लागू किए हैं। इस टैक्स को सरकार उन विशेष परिस्थितियों में लागू करती हैं। जब वैश्विक स्तर पर होने वाली घटनाओं, आपूर्ति श्रृंखला में कमी, देशों के बीच तनाव और आर्थिक संकटों के कारण कुछ विशेष कंपनियों की अचानक ज्यादा कमाई होने लगती है।
विंडफॉल टैक्स के फायदे
विंडफॉल टैक्स से सरकार को कई फायदे होते हैं। अतिरिक्त टैक्स से सरकार के राजस्व में वृद्धि होती है। इससे सरकार को मंहगाई को कम करने, गरीब व मध्यम वर्ग को सब्सिडी की सुविधा देने, देश के सार्वजनिक योजनाओं में निवेश करने और देश में आर्थिक संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है।
