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चबाने वाले तंबाकू से ढाई लाख मौतें, भारत सहित 10 देशों में स्वास्थ्य नुकसान का 90 प्रतिशत हिस्सा

Published: Fri, 02 Oct 2026 12:32 AM (IST)Updated: Fri, 02 Oct 2026 02:25 AM (IST)

द लैंसेट ग्लोबल हेल्थ जर्नल के अनुसार, चबाने वाले तंबाकू से होने वाली मौतों और स्वास्थ्य नुकसान का 90 प्रतिशत ...और पढ़ें

दक्षिण एशिया में चबाने वाले तंबाकू का इस्तेमाल सबसे अधिक मिला (सांकेतिक तस्वीर)

दक्षिण एशिया में चबाने वाले तंबाकू का इस्तेमाल सबसे अधिक मिला (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. दक्षिण एशिया में चबाने वाले तंबाकू का इस्तेमाल सबसे अधिक मिला

  2. 60 से 64 साल की उम्र के लोगों में इसका इस्तेमाल सबसे अधिक

पीटीआई, नई दिल्ली। एक अध्ययन में पता चला है कि 2023 में दुनिया भर में तंबाकू चबाने की वजह से 251,000 लोगों की मौत हुई। द लैंसेट ग्लोबल हेल्थ जर्नल के अनुसार, चबाने वाले तंबाकू से होने वाली मौतों और स्वास्थ्य नुकसान का 90 प्रतिशत से अधिक हिस्सा भारत समेत दुनिया के सिर्फ 10 देशों तक सीमित है।

दक्षिण एशिया में चबाने वाले तंबाकू का इस्तेमाल सबसे अधिक होता है। इस इलाके में चबाने वाले तंबाकू से जुड़ी 2,10,000 मौतें हुईं।

पुरुषों में चबाने वाले तंबाकू से होने वाली मौतों और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का 90 प्रतिशत से अधिक बोझ भारत, बांग्लादेश, चीन, पाकिस्तान और अमेरिका समेत 10 देशों में पाया गया।

महिलाओं में, 90 प्रतिशत से अधिक बोझ भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान, इंडोनेशिया, म्यांमार और चीन जैसे देशों में केंद्रित था।

अध्ययन में कहा गया है कि दुनिया भर में 241 मिलियन लोग चबाने वाले तंबाकू का इस्तेमाल करते थे, और 60 से 64 साल की उम्र के लोगों में इसका इस्तेमाल सबसे अधिक था।

तंबाकू नियंत्रण में दशकों की प्रगति के बावजूद, दुनिया भर में चबाने वाले तंबाकू के इस्तेमाल का स्तर लगभग वैसा ही बना हुआ है। टीम ने बताया कि यह अध्ययन ग्लोबल बर्डन आफ डिजीज स्टडी 2023 का हिस्सा है और इसमें 1990 से 2023 तक 204 देशों और इलाकों को शामिल किया गया है। इसमें चबाने वाले तंबाकू से होने वाले नुकसान को बिना धुएं वाले तंबाकू के दूसरे रूपों से होने वाले नुकसान से अलग करके देखा गया है।