'कुछ लोगों की हरकतों से विश्वसनीयता को पहुंच सकता है नुकसान', विदेश सचिव ने अमेरिका को लिया आड़े हाथ
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने टैलेंट मोबिलिटी इकोसिस्टम की विश्वसनीयता पर चिंता जताई, खासकर अमेरिकी श्रम विभाग द्वारा कुछ कंपनियों को निलंबित करने के बाद।
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विदेश सचिव विक्रम मिसरी। (फाइल फोटो।)
HighLights
विदेश सचिव ने टैलेंट मोबिलिटी की विश्वसनीयता पर चिंता जताई।
अमेरिकी श्रम विभाग ने कुछ कंपनियों को PERM से निलंबित किया।
भारत-अमेरिका प्रतिभा आवाजाही के आपसी लाभों पर बल दिया।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने सोमवार को चेतावनी दी कि कुछ लोगों की हरकतों से टैलेंट मोबिलिटी इकोसिस्टम की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने नैतिकता, पारदर्शिता और जवाबदेही की जरूरत पर बल दिया।
उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी श्रम विभाग ने कुछ कंपनियों को अपने परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन (पीईआरएम) प्रोग्राम से सस्पेंड कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने भारत और अमेरिका के लिए टैलेंट मोबिलिटी (प्रतिभाओं की आवाजाही) से होने वाले आपसी फायदों पर जोर दिया।
मंत्रालय ने क्या कहा?
मंत्रालय ने कहा, "इससे भारतीयों के लिए तो मौके बनते ही हैं, साथ ही यह अमेरिकी कंपनियों को भी बेहतरीन टैलेंट, इनोवेशन, रिसर्च, प्रोडक्टिविटी, कॉम्पिटिटिवनेस और रोजगार पैदा करने में मदद करता है। इसके अलावा अमेरिका में शेयरहोल्डर्स की संपत्ति भी बढ़ाता है।"
नई दिल्ली में भारत के वैश्विक कौशल गतिशीलता संघ के शुभारंभ के मौके पर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय भर्ती में शोषण, धोखाधड़ी और कौशल के बेमेल होने के जोखिमों को रेखांकित किया।
उन्होंने कहा कि प्रतिभा की आवाजाही से वास्तविक लोग जुड़े हैं और उनकी आकांक्षाओं तथा आजीविका की रक्षा की जानी चाहिए। विदेश में रोजगार की बढ़ती मांग, सही जानकारी की कमी और कामगारों के कौशल तथा नौकरी की जरूरतों के बीच बेमेल होने के संभावित नतीजों को लेकर आगाह किया।
उन्होंने ऊंचे मानक तय करने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि अंतरराष्ट्रीय आवाजाही भारत की प्रतिभा को देश से बाहर ले जाने के बजाय उसके विकास में योगदान दे।
(न्यूज एजेंसी एएनआई के इनपुट के साथ)
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