INDI गठबंधन को सुप्रीम कोर्ट मार्च से पहले बड़ा झटका, CJI ने मिलने से किया इनकार
सोमवार को INDI गठबंधन को सुप्रीम कोर्ट मार्च से पहले झटका लगा, क्योंकि CJI सूर्यकांत ने उनसे मिलने से इनकार ...और पढ़ें

CJI ने मिलने से विपक्षी नेताओं से मिलने से किया इनकार

समय कम है?
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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सोमवार को कांग्रेस और INDI गठबंधन को सुप्रीम कोर्ट मार्च से पहले बड़ा झटका लगा है। CJI सूर्यकांत ने INDI गठबंधन वाले विपक्षी नेताओं से मिलने से इनकार कर दिया है। CJI ने INDI गठबंधन से कहा है कि वे मार्च की जगह याचिका दायर करें।
सूत्रों के अनुसार, बैठक के अनुरोध के जवाब में CJI ने कहा कि जिन मुद्दों को वे उठाना चाहते हैं, वे पहले से ही अदालत के विचाराधीन हैं और सुप्रीम कोर्ट में उन पर सुनवाई चल रही है।
बता दें कि विपक्षी गठबंधन सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने और कथित चुनावी धांधली को लेकर CJI को ज्ञापन सौंपने की योजना बना रहा था। विपक्ष ने सोमवार शाम 4 से 5 बजे के बीच CJI से मिलने का समय मांगा था।
इससे पहले 9 अक्टूबर को विपक्षी सांसदों को डेलीगेशन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिला था।
सीजेआई ने मिलने से किया इनकार
न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक CJI ने ईमेल के जरिए भेजे जवाब में मुलाकात से इनकार करने के कारण भी बताए हैं। CJI ने कहा कि अदालत के पास किसी भी राजनीतिक दल के प्रतिनिधिमंडल से इस तरह प्रशासनिक स्तर पर मिलने का अधिकार नहीं है; अदालत का काम याचिका पर सुनवाई करना और फैसला सुनाना है।
उन्होंने यह भी कहा कि देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था होने के नाते सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सभी के लिए 24 घंटे खुले हैं और यह हर नागरिक के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
सोमवार को विपक्ष करेगा मार्च
सीजेआई के विपक्षी नेताओं से मिलने के इनकार के बाद भी सोमवार को मार्च होने की संभावना है। विपक्ष का मार्च उस श्रृंखला का हिस्सा है जो मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर किए जा रहे हैं। विपक्ष लगातार मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहा है।
उनके इस्तीफे की मांग SIR में अनियमितताओं और अन्य मुद्दों को लेकर की जा रही है। वहीं सीजेपी और अन्य छात्र संगठन भी मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और लगातार उनका प्रदर्शन भी जारी है।
राहुल गांधी ने मार्च में शामिल होने की अपील की
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि यह मार्च किसी एक राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि सभी भारतीयों का है। इसके जरिए वे न केवल CEC पर, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की BJP के नेतृत्व वाली सरकार पर भी व्यापक दबाव बनाना चाहते हैं, क्योंकि उनका आरोप है कि सरकार को SIR से फायदा हुआ है।
राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट तक होने वाले इस मार्च में सभी विपक्षी दलों से शामिल होने की अपील भी की है।
