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कर्नाटक चुनाव से पहले सियासी भूचाल: सीएम शिवकुमार का आरोप- 45 लाख मतदाताओं के नाम अवैध रूप से हटाने का षड्यंत्र

Published: Fri, 02 Oct 2026 02:50 AM (IST)

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने राज्य में जारी एसआइआर के तहत मतदाता सूची से 45 लाख से अधिक वोट ...और पढ़ें

कर्नाटक में मतदाता सूची से 45 लाख वोट अवैध रूप से हटाने का षड्यंत्र: शिवकुमार

कर्नाटक में मतदाता सूची से 45 लाख वोट अवैध रूप से हटाने का षड्यंत्र: शिवकुमार

HighLights

  1. भाजपा पर अल्पसंख्यकों व दलितों के नाम हटाने का गंभीर आरोप

  2. चुनाव आयोग से वोट चोरी के खिलाफ आपराधिक जांच की मांग

पीटीआई, बेंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने राज्य में जारी एसआइआर के तहत मतदाता सूची से 45 लाख से अधिक वोट अवैध रूप से हटाने के लिए बड़े पैमाने पर साजिश रचे जाने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को "एक बड़ा धोखा" करार दिया है।

एक प्रेस कान्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अल्पसंख्यकों, दलितों और अनुसूचित जनजाति के मतदाताओं के नाम जानबूझकर सूची से हटाए जा रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की जानकारी के बिना यह अवैध खेल संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि विजयपुरा, भाल्की, बेलगावी और बेंगलुरु समेत कई निर्वाचन क्षेत्रों में थोक में 'फार्म-7' आवेदन दाखिल किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल नाम हटाने के लिए आपत्ति दर्ज कराने में होता है।

शिवकुमार ने आरोप लगाया कि पहले से मुद्रित इन फार्मों को भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा भारी मात्रा में जमा कराया गया, जिससे मतदाताओं का संवेदनशील डाटा लीक होने का गंभीर सवाल खड़ा होता है।

उन्होंने विजयपुरा और भाल्की का उदाहरण देते हुए कहा कि कई लोगों ने सैकड़ों की संख्या में आवेदन दिए, जिन्हें बाद में कानूनी कार्रवाई के डर से वापस ले लिया गया।

मंत्री ईश्वर खंड्रे का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि प्रभावित मतदाताओं ने पुलिस से संपर्क कर फर्जीवाड़े की शिकायत की है। बेलगावी, भाल्की और मैसुरु जैसे स्थानों पर इस सिलसिले में एफआईआर भी दर्ज हो चुकी हैं।

मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग से मांग की है कि इस "वोट चोरी" के पीछे के दोषियों के खिलाफ सख्त आपराधिक जांच शुरू की जाए और तत्काल कार्रवाई हो।