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SIR विवाद के बीच ज्ञानेश कुमार का यूपी दौरा रद, चुनाव आयोग बोला- 'तारीखों में बदलाव रूटीन प्रक्रिया'

Published: Sat, 26 Sep 2026 02:06 AM (IST)

एसआईआर सहित चुनाव आयोग के भीतर की खींचतान को लेकर खड़े हुए विवाद के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश ...और पढ़ें

सीईसी का उत्तर प्रदेश दौरा रद होने पर चुनाव आयोग ने साफ की स्थिति

सीईसी का उत्तर प्रदेश दौरा रद होने पर चुनाव आयोग ने साफ की स्थिति

HighLights

  1. ज्ञानेश कुमार ने उत्तर प्रदेश का 25 और 28 सितंबर का अपना दौरा रद कर दिया है

  2. चुनाव आयोग ने कहा एसआईआर के बाद देश में जोड़े गए 18-28 वर्ष के 2.37 करोड़ नए वोटर

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। एसआईआर सहित चुनाव आयोग के भीतर की खींचतान को लेकर खड़े हुए विवाद के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने उत्तर प्रदेश का 25 और 28 सितंबर का अपना दौरा रद कर दिया है।

इस दौरे में उन्हें मतदाता साक्षरता क्लब (ईएलसी) को सक्रिय करने की पहल के तहत मेरठ और वाराणसी में युवाओं के साथ संवाद करना था।

इसे लेकर खड़े किए जा रहे सवालों पर चुनाव आयोग ने स्थिति स्पष्ट की है और कहा कि 21 सितंबर को ही यह फैसला हो गया था। पहले भी कई मौके पर कार्यक्रम स्थगित हुए हैं।

एसआईआर के बाद देश में जोड़े गए 18-28 वर्ष के 2.37 करोड़ नए वोटर : चुनाव आयोग

एसआईआर के बाद मतदाता सूचियों में नए नाम जोड़ने पर रोक लगाए जाने के विपक्ष के आरोपों का चुनाव आयोग के अधिकारियों ने शुक्रवार को जवाब दिया।

अधिकारियों ने बताया कि पिछले वर्ष जून में बिहार में एसआइआर प्रक्रिया शुरू होने के बाद से देशभर में 18-28 वर्ष की उम्र के 2.37 करोड़ नए मतदाता जोड़े गए हैं। अभी इस उम्र समूह के देश में 17.38 करोड़ मतदाता हैं।

अधिकारियों ने यह भी बताया कि फार्म-6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है। निर्देशों के जरिये पिछले वर्ष बिहार एसआइआर में इसमें एक घोषणा-पत्र जोड़ा गया था।

नए मतदाताओं को फार्म-6 के साथ यह घोषणा-पत्र भी भरना होता था। इस घोषणा-पत्र में नए मतदाताओं के लिए माता-पिता का एसआइआर विवरण देना अनिवार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि बिहार के प्रतिदिन आने वाले एलआईआर बुलेटिन में भरे हुए फार्म के साथ घोषणा-पत्र भी प्रदर्शित होते थे।

अधिकारी ने कहा, इससे मतदाताओं की मैपिंग में मदद मिलती है और नए मतदाताओं के लिए आवेदन के साथ जमा करने वाले दस्तावेज की संख्या कम हो जाती है। गौरतलब है कि अगर कोई व्यक्ति ऑनलाइन फार्म-6 भरता है, तो वह तब तक आगे नहीं बढ़ सकता जब तक कि घोषणा-पत्र न भर दिया जाए।

गौरतलब है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट में कहा था कि एक प्रधानमंत्री (राजीव गांधी) ने मतदान की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष करके युवाओं को सशक्त बनाया था और एक प्रधानमंत्री (नरेन्द्र मोदी) ने 2024 से जेन-जी को मतदाता सूचियों में शामिल करने से रोक दिया है।