गेहूं, आटा और मैदा के निर्यात से हटा प्रतिबंध; वैश्विक खाद्य संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला
केंद्र सरकार ने वैश्विक खाद्य संकट के मद्देनजर गेहूं, आटा, मैदा और सूजी के निर्यात पर लगा प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से हटा दिया है।

सरकार ने गेहूं, आटा और मैदा के निर्यात से प्रतिबंध हटाया
HighLights
गेहूं, आटा, मैदा, सूजी के निर्यात से प्रतिबंध हटा।
वैश्विक खाद्य संकट के मद्देनजर भारत का महत्वपूर्ण फैसला।
घरेलू पर्याप्त भंडार, गरीब देशों को आपूर्ति सुनिश्चित।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर खाद्य संकट को देखते हुए भारत एक बार फिर से दुनिया की मदद के लिए आगे आया है।
केंद्र सरकार ने गेहूं, आटा, मैदा व सूजी के निर्यात पर लगे प्रतिबंध को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है। कोरोनाकाल में भी भारत ने कई देशों को खाद्यान्न व दवा की आपूर्ति की थी।
पश्चिम एशिया संकट के साथ रूस-यूक्रेन संघर्ष के जारी रहने से दुनिया के कई देशों में खाद्य संकट पैदा होने की आशंका दिख रही है। गेहूं के पर्याप्त भंडार को देखते हुए केंद्र सरकार ने निर्यात पर लगे प्रतिबंध को समाप्त करने का फैसला किया है।
ताकि दुनिया, खासकर गरीब देशों में खाद्यान्न की आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
गेहूं, आटा से ब्रेड से लेकर पास्ता तक बनाए जाते हैं जो दुनिया में प्रमुख खाद्य उत्पाद हैं। वर्ष 2022 में घरेलू स्तर पर गेहूं के बढ़ते दाम को देखते हुए भारत ने गेहूं व इनसे जुड़े उत्पादों के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था।
उस समय रूस व यूक्रेन के बीच लड़ाई शुरू होने से अचानक गेहूं के दाम बढ़ने लगे थे, जिससे भारत में भी महंगाई बढ़ने की आशंका पैदा हो गई थी।
सरकार को उम्मीद है कि इस फैसले से घरेलू स्तर पर गेहूं के दाम में इजाफा नहीं होगा। पिछले साल भारत में 12 लाख टन से अधिक गेहूं का उत्पादन हुआ था।
