'ये गलती नहीं सुधर सकती', परंदूर एयरपोर्ट प्रोजेक्ट रद करने पर एमके स्टालिन का सीएम विजय पर हमला
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय द्वारा परंदूर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट रद्द करने पर पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कड़ी आलोचना की है।

एमके स्टालिन ने सीएम विजय के फैसले की आलोचना की। (फाइल फोटो।)
HighLights
सीएम विजय ने परंदूर एयरपोर्ट प्रोजेक्ट रद्द करने की घोषणा की।
एमके स्टालिन ने इसे राज्य के विकास के लिए बड़ा झटका बताया।
स्टालिन ने कहा कि यह फैसला तमिलनाडु को पीछे धकेल देगा।
डिजिटल डेस्क, चेन्नई। परंदूर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को रद करने के फैसले को लेकर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की आलोचना हो रही है। पूर्व मुख्यमंत्री और डीएमके चीफ एमके स्टालिन सीएम विजय पर हमला करते हुए कहा कि यह फैसला राज्य के विकास को कई साल पीछे धकेल देगा। उन्होंने इसे कभी न सुधरने वाला नुकसान बताया।
मुख्यमंत्री विजय ने सोमवार को विधानसभा में घोषणा की कि परंदूर और उसके आस-पास के 12 गांवों में कृषि भूमि और लोगों की आजीविका की रक्षा के लिए परंदूर में नया हवाई अड्डा बनाने की योजना को छोड़ दिया जाएगा। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने अप्रैल 2025 में परंदूर ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दी थी।
'कई साल पीछे चला जाएगा तमिलनाडु'
स्टालिन ने एक्स पर एक लंबी पोस्ट में कहा, "परंदूर प्रोजेक्ट को छोड़ना कोई बदलाव नहीं है। यह तमिलनाडु की तरक्की के लिए एक ऐसा झटका है जिसे सुधारा नहीं जा सकता। तमिलनाडु के माननीय मुख्यमंत्री द्वारा परंदूर इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को छोड़ने की आज की घोषणा से राज्य का विकास कई साल पीछे चला जाएगा। छोटी-मोटी राजनीतिक वजहों के लिए तमिलनाडु के हितों को दांव पर नहीं लगाया जा सकता।"
विजय की घोषणा से तमिलनाडु विधानसभा में तुरंत राजनीतिक हंगामा मच गया। स्पीकर जेसीडी प्रभाकर ने जब उन्हें इस फैसले को रद करने पर चर्चा करने की इजाजत नहीं दी तो विपक्षी पार्टी डीएमके के विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। स्टालिन ने कहा कि इतनी अहमियत वाली घोषणा को नियम नंबर 110 के तहत करना, जिससे बहस का कोई मौका ही न मिले बहुत चिंताजनक है।
'प्रोजेक्ट ठुकराना कोई बदलाव नहीं है'
उन्होंने कहा, "नियम नंबर 110 के तहत इतनी अहम घोषणा करना, जिसमें बहस या सदस्यों को अपनी बात रखने का कोई मौका न दिया गया हो बहुत चिंताजनक है। तमिलनाडु इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट से लेकर ऑटोमोबाइल तक हर सेक्टर में देश में सबसे आगे है। इसकी राजधानी में वर्ल्ड-क्लास एयरपोर्ट का होना न सिर्फ अच्छी बात है, बल्कि बेहद जरूरी भी है। इतने अहम प्रोजेक्ट को ठुकराना कोई बदलाव नहीं है। यह बहुत बड़ी निराशा है।"
उन्होंने कहा कि सभी उपलब्ध विकल्पों का मूल्यांकन करने के बाद सावधानीपूर्वक इस जगह को चुना गया था और जमीन अधिग्रहण का काम लगभग पूरा हो चुका है। साथ ही तैयारी और मंजूरी के कई चरण भी पूरे हो चुके हैं।
पूर्व सीएम ने कहा, "सभी उपलब्ध विकल्पों पर विचार करने के बाद इस जगह को सावधानी से चुना गया था और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। तैयारी और मंजूरी के कई चरण पूरे हो चुके हैं और हमने ऐसी योजना बनाई थी कि ऑफिस लौटने पर तेजी से निर्माण कार्य शुरू हो सके। अगर नई सरकार अब सब कुछ नए सिरे से शुरू करती है, कोई दूसरी जगह चुनती है और काम शुरू होने से पहले पूरी प्रक्रिया से गुजरती है तो तमिलनाडु की विकास दर ही गिर जाएगी।"
'प्रतिस्पर्धी राज्यों का लग जाएगा जैकपॉट'
पूर्व मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि विजय की घोषणा प्रतिस्पर्धी राज्यों के लिए जैकपॉट से कम नहीं है। उन्होंने एक्स पर लिखा, "द्रविड़ियन मॉडल सरकार के तहत तमिलनाडु निवेशकों के लिए पहली पसंद बन गया था। इस फैसले से राज्य के पिछड़ने का खतरा है। मुख्यमंत्री का यह ऐलान दूसरे राज्यों के लिए जैकपॉट जैसा है! बिना औद्योगिक विकास के एक ट्रिलियन यूएसडी या 1.5 ट्रिलियन यूएसडी के आर्थिक लक्ष्य हासिल करना नामुमकिन है।"
उन्होंने आगे लिखा, "बिना दूरदर्शिता, योजना या सलाह-मशविरे के लिया गया टीवीके सरकार का यह फैसला तमिलनाडु के युवाओं के रोजगार के सपनों के लिए एक जबरदस्त झटका है।"
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