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अटके प्रोजेक्ट्स पर NCLAT का सख्त रुख, सुपरटेक की 16 परियोजनाओं को पूरा करने की मांगी समय-सीमा

Published: Fri, 09 Oct 2026 02:50 AM (IST)

तीन सदस्यीय एनसीएलएटी पीठ ने सुप्रीम कोर्ट की समिति को अगली सुनवाई से पहले 16 परियोजनाओं में से प्रत्येक की ...और पढ़ें

एनसीएलएटी ने सुपरटेक के अटके 16 प्रोजेक्ट्स के पूरा होने की समय सीमा मांगी

एनसीएलएटी ने सुपरटेक के अटके 16 प्रोजेक्ट्स के पूरा होने की समय सीमा मांगी

HighLights

  1. छह नवंबर को अगली सुनवाई के दौरान तीन सदस्यीय समिति से इस संबंध में रिपोर्ट दा​खिल करने को कहा

  2. सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित समति ने हलफनामे में कहा- परियोजनाएं पूरा होने में तीन साल तक लग सकते

पीटीआई, नई दिल्ली। दिवाला मामलों के अपीलीय न्यायाधिकरण नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) ने सरकारी कंपनी नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कार्पोरेशन (एनबीसीसी) से सुपरटेक की उन 16 अटकी परियोजनाओं में से प्रत्येक को पूरा करने के लिए अलग-अलग समय-सीमा मांगी है, जिन्हें एनबीसीसी ने अपने हाथ में लिया है।

इन आवासीय परियोजनाओं की प्रगति की निगरानी के लिए गठित सुप्रीम कोर्ट की समिति ने एनसीएलएटी में हलफनामा दाखिल किया है। इसमें निर्माण कार्य शुरू करने और परियोजनाओं को पूरा करने के लिए नई समय-सीमाएं प्रस्तावित की गई हैं।

इनके मुताबिक, परियोजनाओं को पूरा होने में 12 से 36 महीने लग सकते हैं। हालांकि, एनसीएलएटी ने कहा कि हलफनामे में प्रत्येक परियोजना के लिए ठोस अंतिम तारीख नहीं दी गई है।

तीन सदस्यीय एनसीएलएटी पीठ ने सुप्रीम कोर्ट की समिति को अगली सुनवाई से पहले 16 परियोजनाओं में से प्रत्येक की संभावित पूर्णता तारीख बताने वाली रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।

रिपोर्ट में वर्तमान में उपलब्ध वित्तीय संसाधनों की जानकारी भी देने को कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई छह नवंबर को होगी। समिति के मुताबिक निर्माण शुरू करने के लिए जरूरी जांच और ऑडिट 15 जनवरी 2027 तक पूरा करने का प्रस्ताव है।

इसके बाद 16 जनवरी से वैधानिक मंजूरियां लेने की प्रक्रिया शुरू होगी। एनबीसीसी द्वारा कार्यों के आवंटन की प्रक्रिया 31 दिसंबर 2026 तक पूरी किए जाने की उम्मीद है।

परियोजनाओं के लिए अंतरिम वित्त जुटाने की प्रक्रिया मार्च 2027 तक चल सकती है। कुछ कंपनियों की वित्तीय पेशकश अधिक ब्याज दर के कारण व्यवहार्य नहीं पाई गई।

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने परियोजनाओं के लिए तकनीकी-आर्थिक व्यवहार्यता रिपोर्ट मांगी है, जो दिसंबर 2026 तक आने की उम्मीद है।

एनसीएलएटी ने दिसंबर 2024 में एनबीसीसी को सुपरटेक की 16 रुकी परियोजनाओं को पूरा करने का निर्देश दिया था। सुपरटेक फिलहाल यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की याचिका पर शुरू हुई कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया से गुजर रही है।