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ऑनलाइन भुगतान करनेवालों को ज्यादा फ्रॉड कॉल, फर्जी डिलीवरी या ज्यादा रिटर्न वाले निवेश के नाम पर ठगी के फोन

Published: Sat, 26 Sep 2026 06:39 AM (IST)Updated: Sat, 26 Sep 2026 07:09 AM (IST)

साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच ठगी से बचाव, शिकायत और पैसा वापस पाने की प्रक्रिया को लेकर लोगों के अनुभव मिले-जुले हैं।

ऑनलाइन भुगतान करनेवालों को ज्यादा फ्रॉड कॉल (सांकेतिक तस्वीर)

ऑनलाइन भुगतान करनेवालों को ज्यादा फ्रॉड कॉल (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. कॉमन काज और लोकनीति-सीएसडीएस की रिपोर्ट, साइबर ठगी के बाद पुलिस तक पहुंचना अब भी बड़ी चुनौती

  2. रिपोर्ट तैयार करने के लिए 16 राज्यों में 8,306 लोगों का सर्वे किया गया

जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच ठगी से बचाव, शिकायत और पैसा वापस पाने की प्रक्रिया को लेकर लोगों के अनुभव मिले-जुले हैं।

कॉमन काज और लोकनीति-सीएसडीएस की भारत में पुलिसिंग की स्थिति रिपोर्ट (एसपीआईआर) 2026 के मुताबिक, ऑनलाइन भुगतान का ज्यादा इस्तेमाल करने वालों को धोखाधड़ी वाली कॉल आने की आशंका अधिक रहती है।

शुक्रवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार, करीब एक-तिहाई लोगों ने बताया कि उन्हें अक्सर फर्जी डिलीवरी या ज्यादा रिटर्न वाले निवेश के नाम पर ठगी के फोन आते हैं। हालांकि, करीब 75 प्रतिशत लोगों को लगता है कि पुलिस साइबर अपराध से निपटने के लिए तैयार है।

रिपोर्ट तैयार करने के लिए 16 राज्यों में 8,306 लोगों का सर्वे किया गया और 37 लोगों से विस्तृत बातचीत की गई। इनमें साइबर अपराध के पीड़ित, विशेषज्ञ, उनकी मदद करने वाले लोग और आरोपितों के परिजन शामिल थे। इसके बावजूद शिकायत दर्ज कराने और पैसा वापस पाने में कई मुश्किलें सामने आईं।

सर्वे का निष्कर्ष

  • 48% ने कहा कि भविष्य में साइबर अपराध होने पर वे पुलिस में जरूर शिकायत करेंगे।
  • 51% पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत की, जबकि 11% ने पुलिस से संपर्क तो किया, लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ाया।
  • पुलिस में शिकायत करने वाले करीब आधे लोगों ने शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को मुश्किल बताया।
  • दर्ज शिकायतों वाले 27% पीड़ितों ने पुलिस को रिश्वत देने की बात कही।
  • 72% पीड़ित डिजिटल वित्तीय ठगी के बाद अपना गंवाया हुआ पैसा वापस नहीं पा सके।
  • 22% पीड़ित पैसा वापस पाने में बैंक की भूमिका से बहुत असंतुष्ट रहे।
  • 20% पीड़ित बैंक और पुलिस के बीच तालमेल से बहुत असंतुष्ट थे।
  • 75% लोगों को लगता है कि पुलिस साइबर अपराध से निपटने के लिए तैयार है। इनमें 29% ने पुलिस को पूरी तरह और 44% ने कुछ हद तक तैयार माना।