'हर हाल में दर्ज हों पीड़ितों व गवाहों के बयान', मणिपुर यौन हिंसा मामला में सुप्रीम कोर्ट का सख्त निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर यौन हिंसा मामले में सीबीआई और ट्रायल कोर्ट को दो मुख्य पीड़िता-गवाहों की उपस्थिति और बयान हर हाल में दर्ज करने का कड़ा निर्देश दिया है।
-1791219197878_m.webp)
मणिपुर यौन हिंसा मामला में सुप्रीम कोर्ट का सख्त (फाइल फोटो)
HighLights
सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर यौन हिंसा मामले में कड़ा निर्देश जारी किया।
मुख्य पीड़िता-गवाहों की उपस्थिति और बयान दर्ज करने का आदेश।
सीबीआई और ट्रायल कोर्ट को सुनवाई में तेजी लाने का निर्देश।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर यौन हिंसा मामले में सीबीआइ और ट्रायल कोर्ट को कड़ा निर्देश दिया है कि वे मामले की दो मुख्य पीड़िता-गवाहों की उपस्थिति और उनके बयान को हर हाल में दर्ज करना सुनिश्चित करें।
सीजेआई सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि मामले की सुनवाई तेजी से आगे बढ़नी चाहिए। कोर्ट ने सीबीआई को यह भी निर्देश दिया कि वह दोनों पीड़िता-गवाहों को ट्रायल कोर्ट द्वारा तय की गई अगली तारीखों पर कोर्ट में पेश करे।
सुनवाई के दौरान सीबीआइ की ओर से पेश अडिशनल सालिसिटर जनरल डी.पी. सिंह ने कहा कि आरोपितों को जमानत मिलने से गवाहों के बयान देने की इच्छाशक्ति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि पीड़ितों के साथ बेहद अमानवीय तरीके से यौन उत्पीड़न किया गया था, उन्हें निर्वस्त्र घुमाया गया था और उनका वीडियो बनाया गया था।
दूसरी ओर, एक आरोपित के वकील ने तर्क दिया कि सीबीआई अपेक्षित गति से मुकदमा नहीं चला पा रही है। वहीं, पीड़ित-शिकायतकर्ता की ओर से पेश वकील निजाम पाशा ने कोर्ट को बताया कि पिछली निर्धारित तारीख एक सार्वजनिक अवकाश था, जिस कारण गवाही देने के लिए तय केंद्र बंद थे और एक पीड़िता डेंगू से पीड़ित थी।
सीजेआइ ने कहा कि यदि किसी सार्वजनिक अवकाश के दिन सुनवाई तय की जाती है, तो पीड़ितों से पेश होने की उम्मीद नहीं की जा सकती। साथ ही, कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अधिकारियों का कर्तव्य है।
पीठ ने संकेत दिया कि गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद ही आरोपितों की जमानत रद करने की मांग पर विचार करना अधिक उचित होगा। (समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
