'यह राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा', TVK में शामिल होने वाले 6 AIADMK विधायकों के खिलाफ याचिका SC ने की खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने अन्नाद्रमुक के उन छह विधायकों के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी, जिन्होंने पार्टी व्हिप के खिलाफ ...और पढ़ें

सुप्रीम कोर्ट ने TVK में शामिल हुए AIADMK के 6 विधायकों के खिलाफ याचिका खारिज की
HighLights
सुप्रीम कोर्ट ने 6 AIADMK विधायकों की याचिका खारिज की।
विधायकों ने इस्तीफा देकर TVK पार्टी जॉइन की थी।
कोर्ट ने इसे राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अन्नाद्रमुक (AIADMK) के उन छह विधायकों के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी, जिन्होंने पार्टी व्हिप के खिलाफ मतदान करने के बाद विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था और बाद में सत्तारूढ़ तमिझागा वेत्री कझगम (TVK) में शामिल हो गए थे।
चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने मद्रास हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए सख्त टिप्पणी की कि यदि कोई इस्तीफा देकर मंत्री बनता है, तो यह राजनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
हाई कोर्ट ने कहा कि विधानसभा सीट से इस्तीफा देना संवैधानिक व्यवस्था का ही एक हिस्सा है, और न्यायिक आदेश के जरिए इस पर कानून से बाहर की शर्तें नहीं थोपी जा सकतीं।
याचिका में क्या की गई थी मांग?
दरअसल, हाई कोर्ट ने 24 सितंबर को एक जनहित याचिका (PIL) को खारिज कर दिया था। इस याचिका में 'चुनाव व्यय सुरक्षा' तंत्र बनाने और दल बदलने वाले AIADMK के छह विधायकों को पांच साल के लिए अयोग्य घोषित करने की मांग की गई थी।
याचिका में चुनाव आयोग और तमिलनाडु के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को 'चुनाव व्यय सुरक्षा' तंत्र बनाने का निर्देश देने की मांग की गई थी। इसके तहत, अगर कोई मौजूदा विधायक अपनी सीट से इस्तीफा देता है और बाद में उसी सीट पर होने वाले उपचुनाव में फिर से चुनाव लड़ना चाहता है, तो उसे उपचुनाव कराने में खर्च हुए सार्वजनिक धन के बराबर की राशि पहले जमा करनी होगी।
हाई कोर्ट ने फैसले को ठहराया था सही
मद्रास हाई कोर्ट ने 13 अक्टूबर को तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष JCD प्रभाकर के उस फैसले को सही ठहराया, जिसमें उन्होंने AIADMK के छह विधायकों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए थे। ये विधायक बाद में सत्ताधारी TVK में शामिल हो गए थे।
हाई कोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष को निर्देश दिया था कि वे AIADMK व्हिप कृष्णमूर्ति की उस याचिका पर दो महीने के भीतर फैसला लें, जिसमें S. जयकुमार, मरगथम कुमारवेल, P. सत्यभामा और एसक्की सुबैया को विधानसभा से अयोग्य घोषित करने की मांग की गई थी।
पेरुंदुरई, मदुरंतकम और धारापुरम विधानसभा क्षेत्रों से चुने गए एस. जयकुमार, मरगथम कुमारवेल और सत्यभामा ने 25 मई, 2026 को सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया।
अंबासमुद्रम निर्वाचन क्षेत्र से चुने गए एसक्की सुबैया ने अगले दिन इस्तीफा दे दिया। सी. विजयभास्कर (विरालिमालाई) और एम. आर. विजयभास्कर (करूर) ने क्रमशः 16 और 29 जून को इस्तीफा दिया। ये सभी अप्रैल में हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में AIADMK के टिकट पर चुने गए थे।
इस्तीफा देने के बाद, वे मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली सत्ताधारी पार्टी TVK में शामिल हो गए। मरगथम कुमारवेल और सत्यभामा ने 6 अक्टूबर को हुए उपचुनावों में TVK उम्मीदवारों के तौर पर क्रमशः मदुरंतकम और धारापुरम विधानसभा क्षेत्रों से जीत हासिल की। (समाचार एजेंसी PTI के इनपुट के साथ)
