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Odisha Alert: चक्रवात 'अर्णब' के चलते चिलिका में 4 दिनों तक थमेंगे नावों के पहिए, फ्लोटिंग जेटी भी बंद

By Sheshnath RaiEdited By: Sanjeev Kumar
Published: Sun, 25 Oct 2026 12:48 PM (IST)

पुरी जिला प्रशासन ने बंगाल की खाड़ी में संभावित चक्रवात 'अर्णब' के मद्देनजर चिलिका झील में 26 से 29 अक्टूबर ...और पढ़ें

चक्रवात के खतरे से सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चिलिका झील में चार दिनों के लिए नौका परिचालन पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।

चक्रवात के खतरे से सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चिलिका झील में चार दिनों के लिए नौका परिचालन पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।

HighLights

  1. संभावित चक्रवात 'अर्णव' के कारण चिलिका झील में प्रतिबंध।

  2. 26 से 29 अक्टूबर तक नावों और फ्लोटिंग जेटी का संचालन बंद।

  3. सुरक्षा हेतु पुरी प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए, उल्लंघन पर कार्रवाई।

जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहे संभावित चक्रवात 'अर्णब' को ध्यान में रखते हुए पुरी जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। 
 
चक्रवात के खतरे से सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चिलिका झील में चार दिनों के लिए नौका परिचालन पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। 
 
जारी आदेश के अनुसार, 26 से 29 अक्टूबर तक झील में सभी प्रकार की नावों की आवाजाही पर रोक रहेगी।
 

यात्री, पर्यटक और मालवाहक नौकाओं पर रहेगा प्रतिबंध 

जिला प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों के तहत इन चार दिनों के दौरान चिलिका झील में यात्री, मालवाहक और पर्यटकों को लाने-ले जाने वाली किसी भी नाव के संचालन की अनुमति नहीं होगी। 
 
इसके साथ ही इस अवधि में फ्लोटिंग जेटी का संचालन भी पूरी तरह ठप रहेगा, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके।
 

घाटों पर पुलिस व स्थानीय प्रशासन की रहेगी नजर 

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चिलिका के सभी प्रमुख घाटों पर स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल की तैनातगी रहेगी।
 
संबंधित प्रखंड विकास अधिकारियों (BDO) को निर्देश दिए गए हैं कि वे आम जनता और मछुआरों को इस प्रतिबंध की जानकारी दें तथा व्यापक जागरूकता अभियान चलाएं, जिससे कोई भी व्यक्ति जान-जोगिम में डालकर झील में प्रवेश न करे।
 

नियमों का उल्लंघन करने पर होगी कानूनी कार्रवाई 

पुरी के जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि प्रतिबंध के आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसे एक गंभीर अपराध माना जाएगा।
 
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि मौसम के मिजाज और समीक्षा के बाद आवश्यकता पड़ने पर इस प्रतिबंध की अवधि को और बढ़ाया जा सकता है। 
 
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों, पर्यटकों और स्थानीय लोगों से मौसम विभाग व प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने की अपील की है।

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