पहचान की लड़ाई, स्पॉन्सरशिप के लिए संघर्ष; फिर भी विश्वस्तर पर लगातार आगे बढ़ रहा है अमेरिकन बैडमिंटन
अमेरिका में यूं तो बैडमिंटन का ज्यादा क्रेज नहीं है और वहां खिलाड़ियों को कई तरह के संघर्ष का सामना करना पड़ता है, लेकिन इसके बाद भी अमेरिका के बैडमिंटन खिलाड़ी लगातार अपनी छाप छोड़ रहे हैं।

अमेरिकी बैडमिंटन खिलाड़ी छोड़ रहे हैं छाप (PC- BWF)
HighLights
संघर्ष के बीच लगातार नाम कमा रहे हैं अमेरिकी बैडमिंटन खिलाड़ी
सरकार या एसोसिएशन से नहीं मिलता सपोर्ट
स्पांसरशिप के लिए भी करना पड़ता है संघर्ष
अभिषेक उपाध्याय, स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। विश्व खेल जगत में जब अमेरिका का नाम आता है तो बास्केटबॉल, रग्बी, बेसबॉल जेसै खेल जेहन में आते हैं। कई और खेलों में भी अमेरिका की तूती बोलती है, लेकिन बात जब बैडमिंटन की आती है तो ये देश एक तरह से पिछड़ा समझा जाता है। अमेरिकन बैडमिंटन खिलाड़ियों को ज्यादा कड़ा प्रतिद्वंद्वी नहीं माना जाता, लेकिन इस देश में बैडमिंटन अब तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसकी बानगी लगातार देखने को मिल रही है।
ताजा उदाहरण यहां हो रही वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप-2026 है जहां अमेरिकी खिलाड़ियों ने अपने खेल से प्रभावित किया है। फिर चाहे गैरेट टैन हों या इशिका जायसवाल या प्रेसली स्मिथ, जैनी गाई। अमेरिका की पांच जोड़ियों ने चैंपियनशिप में जगह बनाई है। इन सभी खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से वाहवाही लूटी है और बताया है कि आने वाले दिनों में अमेरिकी बैडमिंटन का स्तर काफी बेहतर होगा।
लगातार बढ़ रहे हैं आगे
18 साल के टैन वही खिलाड़ी हैं जिन्होंने भारत के उभरते हुए सितारे लक्ष्य सेन को कड़े मुकाबले में मात दी। इशिका को थाईलैंड की रत्नाचोक इतनानोन के खिलाफ जीत मिली। हालांकि, इसमें किस्मत का रोल अहम रहा था। थाईलैंड की खिलाड़ी चोट के चलते मैच में से हट गई थीं। हालांकि, इशिका को जापान की नोजोमी ओकुहारा से तीन गेम के मैच में हार मिली।
स्मिथ और जैनी की जोड़ी को राउंड-16 के मैच में फ्रांस के थोम गिक्वेल और डेलफिने डेलरुई से कड़े मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा, लेकिन दोनों ने जिस तरह का खेल दिखाया वो देखने लायक था। हालांकि, इन सभी के लिए अमेरिका में बैडमिंटन खेलना आसान नहीं है क्योंकि जनता में अभी इस खेल का ज्यादा जोश नहीं है। वहीं खिलाड़ियों को बाकी खेलों के मुकाबले स्पांसरशिप हासिल करने में काफी परेशानी होती है। कुछ खिलाड़ी तो बिना स्पांसरशिप के लिए भी खेलते हैं, लेकिन हिम्मत न हारने के बजाए इन्होंने खेलना चुना और लगातार आगे बढ़ रहे हैं।
डबल्स खिलाड़ी स्मिथ ने दैनिक जागरण ऑनलाइन से बात करते हुए बताया कि बैडमिंटन को अभी अमेरिका में ज्यादा तवज्जो नहीं मिलती है। उन्होंने कहा, "आम लोग बैडमिंटन और बैडमिंटन खिलाड़ियों को अमेरिका में ज्यादा तवज्जो नहीं देते हैं। बैडमिंटन अभी वहां पर ज्यादा मशहूर नहीं है, लेकिन हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इस साल यूएस ओपन में काफी भीड़ देखने को मिली थी। धीरे-धीरे पहचान मिल रही है।"
स्मिथ की तरह ही जैनी भी मानती हैं कि अमेरिकी बैडमिंटन संघर्ष तो कर रहा है, लेकिन इस बीच आगे भी बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि अमेरिकन बैडमिंटन अच्छी तरह से आगे बढ़ रहा है। इस टूर्नामेंट में हमारे खिलाड़ी अच्छा कर रहे हैं। टैन ने लक्ष्य को हराया है। इसके अलावा डबल्स में भी खिलाड़ी बीते कुछ सालों से अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं जबकि हम अलग-अलग ट्रेनिग करते हैं, लेकिन हर कोई मेहनत कर रहा है इस बात को बताने के लिए कि यूएस बैडमिंटन शीर्ष स्तर के देशों के साथ प्रतिस्पर्धा करने की काबिलियत रखता है।"
बन रहे हैं बैडमिंटन सेंटर
अमेरिका में बैडमिंटन के मुख्य केंद्रों के बारे में पूछा गया तो स्मिथ ने बताया कि कैलिफोर्निया में बैडमिंटन के काफी क्लब है, लेकिन टेक्सास भी आगे आ रहा है, उन्होंने कहा, "अमेरिका में बैडमिंटन का मेन सेंटर कैलिफोर्निया है जहां अधिकतर क्लब हैं। आप जो टूर पर खिलाड़ी देखते हैं वह कैलिफोर्निया में ही खेलते हैं फिर चाहे वो जीबीए हो या सेनर्जी। टेक्सास भी अमेरिका में एक बैडमिंटन के मुख्य सेंटर के तौर पर उभर रहा है। जूनियर सर्किट में वहां से कई सारे खिलाड़ी आ रहे हैं।"
सरकार या एसोसिएशन से नहीं मिल रहा सपोर्ट
अमेरिकी टीम के साथ बतौर कोच आए पूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी मालविन एल्काला अपने बेटे मार्क शैली के लिए फिलिपिंस से अमेरिका शिफ्ट हुए। 2016 में अमेरिका आए मालविन ने भी अमेरिकी बैडमिंटन के संघर्ष की कहानी बयां की और बताया कि सरकार या एसोसिएशन की तरफ से ज्यादा सपोर्ट नहीं मिलता है और खिलाड़ी अपनी जेब से पैसा खत्म करते हैं।
उन्होंने कहा, "अमेरिका में हम भारत और चीन जैसे टीम की तरह ट्रेनिंग नहीं करते। हम अलग-अलग ट्रेनिंग करते हैं। हम अपनी जेब से पैसा खत्म करते हैं। एसोसिएशन का सपोर्ट काफी कम है। अमेरिका में बैडमिंटन को लेकर सरकार और एसोसिएशन ज्यादा फ्रिकमंद नहीं है क्योंकि ये एशियन स्पोर्ट्स है अमेरिकन स्पोर्ट्स नहीं है। मैं 2016 में फिलिपिंस से यहां आया था। मैं अपने बेटे के ओलंपिक खेलने के सपने के लिए अमेरिका शिफ्ट हुआ था। मैंने यहां अपनी एकेडमी बनाई है।"
मालविन ने माना की बीते कुछ सालों में हालात बेहतर हुए हैं और बैडमिंटन का क्रेज बढ़ा है, लेकिन ये उतना नहीं है जितना होना चाहिए। उन्होंने कहा, "हालांकि, हाल के कुछ सालों में अमेरिका में बैडमिंटन का बूम आया है। जूनियर सर्किट में काफी अच्छे खिलाड़ी आ रहे हैं। बैडमिंटन बेहतर हो रहा है क्योंकि अब कई सारे ओलंपिक, इंडोनेशियन कोचेस हैं। कई क्लब भी हैं जो खिलाड़ियों को निकाल रहे हैं।"
मालविन से जब अमेरिका के उभरते हुए खिलाड़ियों के बारे में पूछा गया जो आने वाले दिनों में इंटरनेशनल स्टेज पर बेहतर कर सकते हैं तो उन्होंने कहा, "हमारे पास कई अच्छे खिलाड़ी हैं। यहां गैरेट टैन हैं, इशिका हैं। कई सारे अच्छे और युवा खिलाड़ी आ रहे हैं। जमीनी स्तर से भी कई खिलाड़ी निकलकर आ रहे हैं जो अभी जूनियर सर्किट में नहीं हैं, लेकिन आगे चलकर अच्छा करेंगे।"
स्पांसरशिप में होती है मुश्किल
हालांकि, स्थानीय लोगों की तवज्जो के अलावा स्पांसरशिप के लिए हो रही परेशानी भी खिलाड़ियों के लिए मुसीबत है। अमेरिका में बैडमिंटन खिलाड़ियों को आसानी से स्पांसरशिप नहीं मिलती। बाकी खेलों की तुलना में स्पांसर उन्हें आखिरी नंबर पर रखते हैं। स्मिथ ने कहा, "स्पांसरशिप पाना काफी मुश्किल है क्योंकि वहां कई सारे और खेल हैं जैसे बास्केटबॉल, अमेरिकन फुटबॉल, इन खेलों को पहले स्पांसर मिलते हैं बाद में हमारा नंबर आता है। हमारे लिए स्पांसर ढूंढ़ना मुश्किल होता है। हम पूरे विश्व में अमेरिका के बैडमिंटन खिलाड़ियों को देखना चाहते हैं। रैंकिग में हम आगे बढ़ रहे हैं तो हो सकता है कि आगे चलकर आसान हो जाए, लेकिन इस समय ये काफी मुश्किल है। "
इस बात को इशिका ने भी माना था। इंतानोन के खिलाफ जीत मिलने के बाद मीडिया से बात करते हुए जब उनसे स्पांसरशिप के बारे में पूछा गया था तो उन्होंने कहा कि उन्हें उनके पिता स्पांसर करते है। उन्होंने हंसते हुए कहा था, "मुझे मेरे पापा स्पांसर करते हैं।"
सिंगल्स में भी होगा नाम
अमेरिका में डबल्स खिलाड़ियों ने हाल के दौर में ज्यादा सफलता हासिल की है। जैनी ने कहा कि बेशक इस समय डबल्स खिलाड़ी अच्छा कर रहे हैं, लेकिन सिंगल्स में भी बेहतर रिजल्ट आएंगे। उन्होंने कहा, " अभी तक देखा जाए तो डबल्स में अमेरिकी खिलाड़ियों के रिजल्ट ज्यादा बेहतर रहे हैं। सिंगल्स में भी हम लगातार आगे बढ़ रहे हैं और आने वाले दिनों में अच्छे रिजल्ट आएंगे।"
बैडिमंटन के लिए मशहूर बाकी देशों की तुलना में अमेरिका में खिलाड़ियों को वो कॉम्पटीशन नहीं मिलता है। स्मिथ और टैन दोनों अमेरिका के बाहर ट्रेनिंग लेकर आए हैं। स्मिथ ने इस बात को माना और वह इसके लिए ताइपे भी गए थे। उन्होंने कहा, " मैंने ताइपे में ट्रेनिंग की है और वहां का माहौल काफी प्रतिस्पर्धी था। संभवतः 100 गुना ज्यादा खिलाड़ी। अमेरिका की तुलना में वहां खिलाड़ी भी ज्यादा हैं और वहां का स्तर भी बेहद शानदार है।"
टैन ने कहा था, "मैं दो सप्ताह ताईवान में ट्रेनिंग की थी। वैसे मैं अमेरिका में ही एलए में ट्रेनिंग करता हूं।"
हालांकि, जैनी अमेरिका में ही ट्रेनिंग कर रही हैं। उन्होंने कहा, " मैं अमेरिका में एलए में ट्रेनिंग करती हूं कोच टोनी के साथ। हमारे यहां दूसरे देशों के कोच भी आते हैं।"
बेहतर है भविष्य
दो साल बाद अमेरिका में लॉस एंजिलिस ओलंपिक-2028 होने हैं। इन खेलों को लेकर स्मिथ को उम्मीद है कि कोई न कोई अमेरिकी खिलाड़ी मेडल जीत लेगा। उनसे जब अगले ओलंपिक खेलों और अगले पांच सालों में अमेरिकी बैडमिंटन की स्थिति के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "मुझे उम्मीद है कि कोई अमेरिकी एलए ओलंपिक में मेडल जीतेगा। ये बड़ा सपना है, लेकिन कोशिश की जा सकती है। इस समय हमारी रैंकिंग टॉप-20 में है तो इसलिए मुझे नहीं लगता कि ये मुश्किल है। अगले पांच साल में मैं काफी सारे अमेरिकी बैडमिंटन खिलाड़ियों को देखता हूं जो विश्व स्तर पर शानदार खेल दिखाएंगे।"
मालविन ने अगले पांच साल में अमेरिकी बैडमिंटन के भविष्य को लेकर सकारात्मकता दिखाई है। उन्होंने कहा, "उम्मीद है कि अगले पांच साल में आप अमेरिका से कई सारे चैंपियन देख सकते हैं। ओलंपिक चैंपियन नहीं तो विश्व चैंपियन, टूर चैंपियन।"
