BWF Championship 2026: आयुष-सिंधू की हार के साथ खत्म हुईं मेडल की दो उम्मीदें, डबल्स में जीते भारतीय
पीवी सिंधू और आयुष शेट्टी की हार के साथ बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप में भारत की एकल पदक उम्मीदें समाप्त हो गईं। हालांकि, महिला डबल्स में त्रीसा-गायत्री और पुरुष डबल्स में सात्विक-चिराग ने क्वार्टर फाइनल में जगह बनाकर भारत की चुनौती बरकरार रखी।

पीवी सिंधू को मिली हार, चिराग-रेड्डी जीते

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जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्लीः दो बार की ओलिंपिक पदक विजेजा पीवी सिंधू और आयुष शेट्टी की हार के साथ बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप में भारत की पदक की दो बड़ी उम्मीदें टूट गईं। पहले चरण में विश्व नंबर वन को हराकर सनसनी फैलाने वाले आयुष को इंडोनेशिया के अल्वी फरहान ने जबकि सिंधू को चीन की वैंग झी यी ने हराया।
हालांकि, इन दो बड़ी हारों से इतर महिला और पुरुष डबल्स मुकाबलों में भारत के लिए खुशी के पल आए, जब त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने जापान की रिन इवानागा और की नाकानिशी,जबकि सात्विकसाइराज रैंकिरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ने मलेशिया के जुनैदी आरिफ और यप राय किंग को मात देकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।
आयुष को फरहान ने किया पस्त
मौजूदा विजेता और विश्व के नंबर एक बैडमिंटन खिलाड़ी चाइना के शी यू कि को पहले चरण में हराने वाले आयुष को विश्व रैंकिंग में नंबर 12 के खिलाड़ी फरहान ने 19-21, 11-21 ने हराया। यह दोनों खिलाड़ियों के बीच हुए आठवें मैच में आयुष की पांचवीं हार थी और इसके साथ ही पुरुष सिंगल्स में भारतीय चुनौती भी समाप्त हो गई। आयुष से पहले बुधवार को लक्ष्य सेन भी हार गए थे।
देर शाम हुए महिला सिंगल्स मुकाबले में सिंधू की उम्मीदें भी खत्म हुईं जब उन्हें विश्व नंबर तीन वैंग ने तीन गेम तक खिंचे मुकाबले में 11-21, 21-15 और 17-21 से मात दी। महिला सिंगल्स के इस प्री क्वार्टर फाइनल में पूर्व विश्व चैंपियन सिंधू ने पहला गेम 11-21 से हारने के बाद अच्छी वापसी करते हुए दूसरा गेम 21-15 से अपने नाम किया, लेकिन आखिरी गेम में वह अपना ध्यान केंद्रित नहीं रह पाईं और मैच गंवा दिया।
पहले गेम में बेहद आसान जीत दर्ज करने के बाद दूसरा गेम हारी वैंग ने आखिरी गेम के अंतिम पलों में बेहतरीन खेल दिखाते इसे 17-21 से अपने नाम किया। दिल्ली में हो रही इस प्रतियोगिता में अपना छठा विश्व चैंपियनशिप पदक जीतने की उम्मीद के साथ उतरीं सिंधू ने 2019 में स्वर्ण, 2017 और 2018 में रजत, जबकि 2013 और 2014 में क्रांस्य पदक जीता था। उनकी हार के साथ ही महिला सिंगल्स में पदक जीतने की भारतीय उम्मीदें भी खत्म हो गईं।
त्रीसा-गायत्री ने दिखाया दम
त्रीसा-गायत्री क्वार्टर फाइनल में महिला डबल्स में त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। भारतीय महिलाओं की इस जोड़ी ने सातवीं वरीयता प्राप्त जापान की रिन इवानागा और की नाकानिशी को 21-16, 21-12 से हराया। हाल ही में अर्जुन अवॉर्ड जीतने वाली इस जोड़ी को मैच जीतने में ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ी। साल 2022 और 2023 में लगातार ऑल इंग्लैंड ओपन का सेमीफाइनल खेल चुकी इस जोड़ी ने 2022 में राष्ट्रमंडल खेलों का कांस्य पदक भी जीता था।
हालांकि, इस साल की शुरुआत में त्रीसा को चोट लगने के चलते ये दोनों लंबे समय तक कोर्ट से दूर रहीं। बाद में वापसी के बाद इन्होंने इंडोनेशिया ओपन और यूएस ओपन खेले और फिलीपींस इंटरनेशनल चैलेंज में जीत हासिल की।
जीत गए सात्विक-चिराग
दिन के आखिरी मैच में सात्विक और चिराग ने मलेशिया की जोड़ी के विरुद्ध पहले हेम में दो गेम पाइंट बचाए लेकिन इसके बावजूद उन्हें पहला गेम 21-23 से गंवाना पड़ा। हालांकि दूसरे गेम में भारतीय जोड़ी ने खुद पर काबू रखा और 16-18 से पीछे होने के बाद इसे 21-19, 21-17 से जीत लिया। इस जीत के बाद मुकाबला तीसरे गेम में चला गया और यहां भी सात्विक-चिराग एक वक्त में 12-15 से पीछे थे। यहां से उन्होंने गेम को 17-17 से बराबर किया और फिर अगले चार अंक बनाते हुए क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए।
