'मैं वापस आ रहा हूं', नीरज चोपड़ा ने एशियन गेम्स से पहले भरी हुंकार; ग्लास्गो की कसर आइची–नागोया में करेंगे पूरी
नीरज चोपड़ा ने एशियन गेम्स से पहले जो बयान दिया है उससे बता दिया है कि वह अपनी तैयारी में कोई कसर नहीं छोड़ने वाले हैं।
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नीरज चोपड़ा ने भरी हुंकार

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स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने लुसाने डायमंड लीग में सीजन की अपनी बेस्ट थ्रो फेंक बता दिया है कि वह अब अपने पुराने रंग में लौट रहे हैं। वही पुराना रंग जो टोक्यो ओलंपिक-2020 के दौरान दिखा था। चोटों ने नीरज को काफी परेशान किया और इसका असर उनके खेल पर दिखा,लेकिन नीरज ने कहा है कि अब वह टूर्नामेंट दर टूर्नामेंट पुराने रंग में वापसी कर रहे हैं।
लुसाने डायमंड लीग में नीरज ने 88.05 मीटर का थ्रो फेंका जो उनका इस सीजन का बेस्ट था। कॉमनवेल्थ गेम्स में श्रीलंका के रुमेश पथिरागे एक बार फिर उनसे आगे निकल गए। वह पहले नंबर पर थे तो भारतीय खिलाड़ी दूसरे स्थान पर। लेकिन इसके बाद नीरज ने जो बयान दिया है उसने उनके प्रतिद्वंदियों को डरा दिया होगा।
कॉमनवेल्थ गेम्स की कसर करेंगे पूरी
नीरज को हाल ही में खत्म हुए ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड का दावेदार माना गया था, लेकिन वह सिल्वर मेडल लेकर आए थे। नीरज की कोशिश है कि वह आइची–नागोया में होने वाले एशियन गेम्स में इसकी भरपाई करें और इसकी हुंकार उन्होंने सीजन बेस्ट थ्रो फेंक भर दी है। आईएएफ से बात करते हुए नीरज ने कहा, "मुझे नहीं पता था कि ये सिर्फ नौ सेंटीमीटर की बात थी। ये काफी करीब था, लेकिन मैं 88 मीटर की थ्रो से काफी खुश हूं। ईमानदारी से कहूं तो मुझे पता ही नहीं चला कि ये 88 मीटर कब चली गई क्योंकि मैं काफी रिलेक्स महूसस कर रहा था। मैंने काफी कोशिश की फिर अपनी तकनीक पर भरोसा रखा।"
अपने बेस्ट के करीब
नीरज ने माना कि हाल के टूर्नामेंट्स में हिस्सा लेने से वह अपने बेस्ट के करीब पहुंच रहे हैं। टोक्यो ओलंपिक-2020 के गोल्ड मेडलिस्ट नीरज ने कहा, "हर कॉम्पटीशन के साथ, मुझे लग रहा है कि मैं वापसी कर रहा हूं। लुसाने और ज्यूरिख में दर्शक एथलीट को समझते हैं और सपोर्ट करते हैं। यहां खेलना हमेशा अच्छा रहता है।"
