नेहा राठौर के समर्थन में उतरे राहुल गांधी, बोले- मैं भी नहीं सुधर रहा हूं, आलोचनाओं से क्या डरना
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि उन्होंने सरकार के उन मुद्दों पर सवाल उठाने के लिए वर्षों तक अपमान सहा है, जिन्हें सरकार पसंद नहीं करती। लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि वह "सुधरने" वाले नहीं हैं।

नेहा राठौर के समर्थन में उतरे राहुल गांधी, बोले- मैं भी नहीं सुधर रहा हूं (फोटो- सोशल मीडिया)
HighLights
भोजपुरी गायिका ने कहा था- मैं आलोचनाओं से डरती नहीं, मैं सुधरने वाली हूं नहीं
मैं सरकार से उन सभी मुद्दों पर सवाल करती हूं जो सरकार को पसंद नहीं
पीटीआई, पुणे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि उन्होंने सरकार के उन मुद्दों पर सवाल उठाने के लिए वर्षों तक अपमान सहा है, जिन्हें सरकार पसंद नहीं करती। लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि वह "सुधरने" वाले नहीं हैं।
यह टिप्पणी उन्होंने पार्टी के यूथ आउटरीच कार्यक्रम 'छात्रों की गूंज' के दौरान भोजपुरी गायिका नेहा राठौर के साथ बातचीत करते हुए की, जोकि अपने व्यंग्यात्मक गीतों के लिए जानी जाती हैं।
इस दौरान नेहा राठौर ने महिलाओं से हो रहे "अनादर" के बारे में कहा कि अगर महिलाएं सत्ता में बैठे लोगों से सवाल नहीं कर सकतीं तो उन्हें किस प्रकार का सम्मान मिलेगा।
उन्होंने कहा- "मैं सरकार से उन सभी मुद्दों पर सवाल करती हूं जो सरकार को पसंद नहीं हैं। इसके बदले, मुझे बहुत सारी गालियां और एफआइआर मिलती हैं।" उन्होंने पूछा- "अगर हम लोकतंत्र में अपने प्रधानमंत्री से सवाल नहीं कर सकते तो यह कैसा सम्मान है?"
राठौर ने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि जब उन्होंने उत्तर प्रदेश में एक व्यंग्यात्मक गीत गाया था तो पुलिस की टीमें उनके पीछे भेजी गईं और क्षेत्र के लोगों ने उनके परिवार से पूछा कि वह किस प्रकार की महिला हैं।
उन्होंने कहा- "एक महिला के रूप में, अगर आप समाज में कुछ मुद्दों पर बोलना चाहती हैं तो यह बहुत कठिन है। पुरुषों की ट्रोलिंग होती है, लेकिन महिलाओं की ट्रोलिंग बहुत अलग तरीके से होती है। वे बस उसके चरित्र की हत्या कर देते हैं।"
राठौर ने कहा कि वह "थोड़ी साहसी और जिद्दी" हैं और आलोचना से नहीं डरतीं। उन्होंने कहा- " वे पिछले पांच वर्षों से मुझे गालियां दे रहे हैं, लेकिन फिर भी मैं नहीं सुधरी। मैं उन्हें बताना चाहती हूं कि मैं सुधरने वाली नहीं हूं।"
इस पर राहुल गांधी ने राठौर के शब्दों को दोहराते हुए कहा, "मैं भी वर्षों से गालियां सुन रहा हूं,लेकिन मैं भी नहीं सुधर रहा हूं।" कार्यक्रम में लगभग 15,000 महिलाओं ने भाग लिया।
