भाजपा का कांग्रेस पर तीखा हमला, कहा- 'देशभक्ति से जुड़ी हर चीज का विरोध करना कांग्रेस की नीति बन चुकी है'
भाजपा ने आरोप लगाया कि स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने ‘वंदे मातरम’ के प्रति अनादर दिखाया।

देशभक्ति से जुड़ी हर चीज का विरोध करना कांग्रेस की नीति: भाजपा (फोटो- एएनआई)
HighLights
भंडारी बोले- राहुल व सोनिया का वंदे मातरम् विरोध ‘दिमागी नक्सल इकोसिस्टम’ वाली मानसिकता को दर्शाता
सवाल किया- क्या भारत की संप्रभुता-अखंडता में विश्वास करने वाला कोई व्यक्ति राष्ट्र गीत के गायन से नाराज होगा
पीटीआई, नई दिल्ली। भाजपा ने रविवार को आरोप लगाया कि देशभक्ति से जुड़ी किसी भी चीज का विरोध करना कांग्रेस की नीति है।
साथ ही सवाल उठाया कि क्या भारत की संप्रभुता और अखंडता में विश्वास रखने वाला कोई व्यक्ति स्वतंत्रता दिवस पर ‘वंदे मातरम्’ के गायन से नाराज होगा। भाजपा ने मांग की कि यदि कांग्रेस में थोड़ी भी देशभक्ति है तो उसे राष्ट्रगीत के अपमान के लिए 24 घंटे के भीतर सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए।
भाजपा ने आरोप लगाया कि स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने ‘वंदे मातरम’ के प्रति अनादर दिखाया।
हालांकि कांग्रेस ने यह कहते हुए इस आरोप को खारिज किया कि पूरा राष्ट्रीय गीत गाने से रोकने की कोई कोशिश नहीं की गई थी, बल्कि सोनिया गांधी सिर्फ पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे के लिए कुर्सी मांग रही थीं क्योंकि वह कुछ समय से खड़े थे।
पार्टी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि राहुल और सोनिया गांधी का विरोध ‘दिमागी नक्सल इकोसिस्टम’ वाली मानसिकता को दर्शाता है।
भंडारी ने कहा- ‘क्या कोई देशभक्त, कोई भी भारतीय जो देश के संविधान में विश्वास रखता हो, तिरंगे का सम्मान करता हो, भारत के स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान करता हो और भारत की संप्रभुता और अखंडता में यकीन रखता हो, वह कभी स्वतंत्रता दिवस पर वंदे मातरम गाने से नाराज हो सकता है?’
उन्होंने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी ने कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम’ गायन को रोकने का इशारा किया। भंडारी ने कहा कि कांग्रेस ने न सिर्फ आजादी की लड़ाई लड़ने वालों का, बल्कि देश के संविधान, उसकी संप्रभुता और अखंडता एवं देश के 140 करोड़ लोगों का भी अपमान किया है।
भाजपा प्रवक्ता ने एक ऑडियो क्लिप भी प्रस्तुत की, जिसमें राहुल गांधी को यह कहते हुए सुना जा सकता था कि हमें वंदे मातरम गाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने सोनिया और राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग की।
