पीएम मोदी की 'दिमागी नक्सल' वाली टिप्पणी पर भड़का विपक्ष, कहा- विरोधियों को बदनाम करने की साजिश
विपक्षी दलों ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की "दिमागी नक्सल" वाली टिप्पणी की आलोचना की और कहा कि उन्हें स्वतंत्रता दिवस के भाषण का इस्तेमाल राजनीति के लिए नहीं करना चाहिए था।

दिमागी नक्सल की टिप्पणी पर विपक्ष बोला-विरोधियों को बदनाम करने की कोशिश
HighLights
कांग्रेस ने पीएम मोदी के बयान को हताशा का स्पष्ट संकेत बताया
सीजेपी ने पूछा, पढ़े-लिखे नौजवानों को 'नक्सली' कैसे कह सकते हैं
पीटीआई, नई दिल्ली। विपक्षी दलों ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की "दिमागी नक्सल" वाली टिप्पणी की आलोचना की और कहा कि उन्हें स्वतंत्रता दिवस के भाषण का इस्तेमाल राजनीति के लिए नहीं करना चाहिए था।
विपक्षी नेताओं ने कहा कि इसका मकसद उनके विरोधियों और सरकार पर सवाल उठाने वालों को बदनाम करना है। कांग्रेस ने इसे "हताशा का स्पष्ट संकेत" बताया।
विपक्षी दलों ने यह भी दावा किया कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण पर पीएम का बयान भाजपा के पाखंड को दर्शाता है, क्योंकि 2024 के आम चुनाव में इस कोटे को लागू नहीं किया गया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी कांग्रेस द्वारा किए गए सभी कार्यों का श्रेय ले रहे हैं। उन्होंने आगाह किया कि वह एक दिन राष्ट्रीय ध्वज भी उतार सकते हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री पर लाल किले से झूठ बोलने का भी आरोप लगाया। उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा चोरी और छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के लिए भी पीएम पर निशाना साधा।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर लिखा-यह अलग बात है कि पीएम वही करते हैं जो ये तथाकथित 'अर्बन नक्सल' या अब 'दिमागी नक्सल' मांग रहे हैं। यह महज संयोग नहीं है कि पीएम राजनीतिक विज्ञान में एमए (मास्टर एब्यूजर) हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि पढ़े-लिखे युवाओं को सिर्फ सरकार पर सवाल उठाने के लिए "नक्सली" नहीं कहा जा सकता।
उन्होंने एक्स पर लिखा, आप पढ़े-लिखे नौजवानों को 'नक्सली' कैसे कह सकते हैं? सिर्फ इसलिए कि वे आपकी सरकार पर सवाल उठाते हैं? यह तो पूरी तरह से घमंड है! उनकी समस्याओं को हल करने में पूरी तरह से अक्षम? घंटियां बज रही हैं। जागरूकता आ गई है!
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि लाल किला वह जगह नहीं है, जहां से झूठ बोला जाए। उन्होंने केंद्र से 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में महिला आरक्षण लागू करने का आग्रह किया।
