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महुआ मोइत्रा की बढ़ी मुश्किलें: रात में सर्किट हाउस खाली करने का आदेश, स्पीकर से लगाई गुहार

Updated: Sun, 16 Aug 2026 02:00 AM (IST)

तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने नदिया के कृष्णनगर स्थित सर्किट हाउस से कथित तौर पर आधी रात में उन्हें हटाने की कोशिश को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

रात में सर्किट हाउस खाली करने का आदेश, महुआ ने स्पीकर से लगाई हस्तक्षेप की गुहार

रात में सर्किट हाउस खाली करने का आदेश, महुआ ने स्पीकर से लगाई हस्तक्षेप की गुहार

HighLights

  1. टीएमसी सांसद बोलीं- महिला सांसद की सुरक्षा और गरिमा पर सवाल, हाई कोर्ट जाने की तैयारी

  2. लगाया आरोप- रात 11 बजे सर्किट हाउस के बाहर जमा हो गई थी भीड़, करने लगी नारेबाजी 

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने नदिया के कृष्णनगर स्थित सर्किट हाउस से कथित तौर पर आधी रात में उन्हें हटाने की कोशिश को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

कृष्णानगर की सांसद ने आरोप लगाया कि शुक्रवार रात प्रशासन के दबाव के बीच सर्किट हाउस के बाहर बड़ी भीड़ जमा हो गई और ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाए गए।

उन्होंने इसे अपने उत्पीड़न और सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए अदालत जाने की चेतावनी भी दी है। नदिया जिला प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

बिरला को लिखे पत्र में मोइत्रा ने कहा कि संसद सत्र के बाद वह अपने निर्वाचन क्षेत्र के दौरे पर थीं। शाम करीब 6.15 बजे सर्किट हाउस पहुंचीं। उन्हें उनका नियमित कमरा दिया गया, जहां चाय और रात का खाना भी परोसा गया। लेकिन रात 9.47 बजे नदिया के अतिरिक्त जिलाधिकारी ने फोन कर कमरा खाली करने को कहा।

कारण पूछने पर उन्हें बताया गया कि ‘ऊपर से आदेश’ आया है। मोइत्रा के मुताबिक रात 10.52 बजे प्रशासन ने उन्हें वाट्सएप पर आदेश भेजा, जिसमें 14 अगस्त की शाम से सर्किट हाउस को रखरखाव और सफाई के लिए बंद रखने की बात कही गई थी।

आदेश में 13 अगस्त तक की पुष्टि की गई बुकिंग को छूट दी गई थी। सांसद का दावा है कि उनकी बुकिंग के समय उन्हें ऐसी किसी रोक की जानकारी नहीं दी गई थी।आरोप लगाया कि रात करीब 11 बजे सर्किट हाउस के बाहर भीड़ जमा हो गई और नारेबाजी करने लगी।

मोइत्रा ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा देने के बजाय उसी के माध्यम से उन्हें देर रात बाहर निकलने के लिए दबाव बनाया गया।

उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से महिला सांसदों की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील करते हुए कहा कि वह लोकसभा में विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने के साथ कलकत्ता हाई कोर्ट जाने पर भी विचार कर रही हैं।

तृणमूल महासचिव अभिषेक बनर्जी ने घटना को सरकार की ‘असुरक्षा’ करार दिया। कांग्रेस के पवन खेड़ा और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी प्रतिक्रिया दी।