'समान विचारधारा वाले दलों के साथ मिलने को तैयार', पंजाब चुनाव में BJP के साथ गठबंधन को लेकर सुखबीर बादल का बड़ा बयान
शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने राज्यपाल से मिलने के बाद पंजाब सर्वोपरि बताते हुए गठबंधन के संकेत दिए हैं। इससे सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

शिरोमणि अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल (फाइल फोटो)
HighLights
सुखबीर बादल ने राज्यपाल से मुलाकात के बाद बयान दिया।
'पंजाब सर्वोपरि' बयान से गठबंधन की अटकलें तेज हुईं।
अकाली दल 2020 में कृषि कानूनों पर NDA से अलग हुआ था।
गुरप्रेम लहरी, बठिंडा। पंजाब की राजनीति में शिरोमणि अकाली दल (शिअद) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच दोबारा गठबंधन को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो सकती हैं। शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने राज्यपाल से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान बड़ा बयान देते हुए कहा कि उनके लिए पंजाब सर्वोपरि है। उनके इस बयान को अकाली दल के NDA में विलय के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
राज्यपाल से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए सुखबीर सिंह बादल ने पंजाब को प्राथमिकता देने की बात कही। हालांकि, उनके बयान से गठबंधन को लेकर कोई स्पष्ट घोषणा सामने नहीं आई, लेकिन उनके इस रुख ने पंजाब के राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है।
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कांग्रेस व आप से समझौता नहीं
सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि पंजाब की दुश्मन पार्टियों कांग्रेस और आम आदमी पार्टी से कोई समझौता नहीं हो सकता। शिअद क्षेत्रीय पार्टी है, शिअद के लिए पंजाब नंबर वन है। जो पार्टियां शिअद की विचारधारा के साथ सहमत है, उनके साथ हम ओपन हैं।
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2020 में टूटा था साथ
गौरतलब है कि शिअद और भाजपा लंबे समय तक पंजाब में गठबंधन के सहयोगी रहे हैं। दोनों दलों ने कई चुनाव साथ मिलकर लड़े, लेकिन कृषि कानूनों के मुद्दे पर सितंबर 2020 में अकाली दल ने एनडीए से नाता तोड़ लिया था। इसके बाद से दोनों दल अलग-अलग राजनीतिक रास्तों पर आगे बढ़ रहे हैं।
अब सुखबीर सिंह बादल के पंजाब को सर्वोपरि बताने वाले बयान को आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। हालांकि, दोनों दलों के बीच गठबंधन को लेकर किसी आधिकारिक सहमति या घोषणा की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले दिनों में दोनों दलों की ओर से इस दिशा में क्या रुख अपनाया जाता है।
