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मोहाली में पटाखों के स्टॉलों में लगी आग, लाखों का सामान राख; प्रशासनिक निगरानी पर उठे सवाल

Published: Sun, 08 Nov 2026 09:28 PM (IST)

जीरकपुर की ढकोली स्थित गुरु नानक एन्क्लेव मार्केट में पटाखों के स्टॉलों में आग लगने से लाखों का सामान जलकर राख हो गया, हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई।

मोहाली में पटाखों के स्टॉलों में लगी आग। फोटो जागरण

मोहाली में पटाखों के स्टॉलों में लगी आग। फोटो जागरण

HighLights

  1. गुरु नानक एन्क्लेव मार्केट में पटाखों के स्टॉलों में भीषण आग लगी।

  2. अग्निकांड में लाखों का सामान राख, कोई जनहानि नहीं हुई।

  3. प्रशासनिक निगरानी पर सवाल, सीमित लाइसेंसों के बावजूद अधिक स्टॉल।

संवाद सहयोगी, जीरकपुर (चंडीगढ़)। ढकोली स्थित गुरु नानक एन्क्लेव मार्केट में पटाखों और सजावट के सामान के स्टॉलों में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में आसपास के स्टॉल भी इसकी चपेट में आ गए।

आग की लपटों के बीच पटाखे लगातार फटने लगे। धमाकों की आवाज से पूरी मार्केट दहल उठी और आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। सूचना मिलने पर दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। अग्निकांड में लाखों रुपये का सामान जलकर राख होने का अनुमान है। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ।

इस अग्निकांड ने जीरकपुर में पटाखों की बिक्री और सुरक्षा इंतजामों को लेकर प्रशासनिक निगरानी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन की ओर से जीरकपुर में पटाखों की बिक्री के लिए महज आठ लाइसेंस जारी किए गए थे।

इसके बावजूद शहर के विभिन्न बाजारों और रिहायशी इलाकों के आसपास बड़ी संख्या में पटाखों के स्टॉल लगाए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि निर्धारित संख्या से अधिक स्टॉल किसकी अनुमति से संचालित हो रहे थे और इनकी निगरानी की जिम्मेदारी संभालने वाले विभागों ने क्या कार्रवाई की?

बाजारों में सुरक्षा इंतजामों की जांच जरूरी

पटाखों जैसे ज्वलनशील सामान की बिक्री के दौरान अग्निशमन उपकरण, सुरक्षित दूरी और आपातकालीन निकासी की व्यवस्था बेहद जरूरी होती है।

गुरु नानक एन्क्लेव मार्केट में हुए अग्निकांड के बाद यह जांच करना आवश्यक है कि स्टॉलों पर अग्निशमन उपकरण उपलब्ध थे या नहीं और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। भीड़भाड़ वाले बाजारों और रिहायशी इलाकों के आसपास ऐसे स्टॉलों में लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

आठ लाइसेंस के बावजूद जगह-जगह स्टॉल

जीरकपुर में पटाखों की बिक्री के लिए केवल आठ लाइसेंस जारी होने की जानकारी के बीच बड़ी संख्या में स्टॉल लगने का मामला जांच का विषय बन गया है। प्रशासन को सभी बिक्री स्थलों के लाइसेंस और सुरक्षा इंतजामों का सत्यापन करना चाहिए।

साथ ही यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि यदि बिना अनुमति स्टॉल संचालित हो रहे थे तो उन्हें समय रहते क्यों नहीं हटाया गया। ढकोली का अग्निकांड भले ही जनहानि के बिना समाप्त हो गया, लेकिन इसने शहर में पटाखों की बिक्री की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल छोड़ दिए हैं।

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