'40 गोलियां चलाईं तो 4000 चलेंगी...', आतंकी पम्मा ने गैंगस्टर गोल्डी बराड़ को दी धमकी; निज्जर मर्डर पर छिड़ी गैंगवार
खालिस्तानी आतंकी परमजीत सिंह पम्मा ने गैंगस्टर गोल्डी बराड़ को धमकी देते हुए हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का हिसाब चुकाने की बात कही है।

आतंकी पम्मा ने गैंगस्टर गोल्डी बराड़ को दी धमकी (जागरण फोटो)
HighLights
आतंकी पम्मा ने दी गोल्डी बराड़ को धमकी
पम्मा ने कहा कि बराड़ ने उसकी रिकॉर्डिंग लीक की
गोल्डी बराड़ सिद्धू मूसेवाला की हत्या में शामिल रहा है
रोहित कुमार, चंडीगढ़। ब्रिटेन में बैठे खालिस्तानी आतंकी परमजीत सिंह पम्मा ने गैंगस्टर गोल्डी बराड़ को धमकी देते हुए हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का हिसाब चुकाने की बात कही है।
पम्मा ने एक ऑडियो संदेश में बराड़ पर आरोप लगाया कि उसने बातचीत के दौरान भरोसा दिलाने के बाद उसकी रिकॉर्डिंग लीक की। पम्मा ने दावा किया कि बराड़ ने निज्जर की हत्या की जिम्मेदारी लेने संबंधी बातचीत में कई आरोप लगाए थे।
इसके जवाब में पम्मा ने बराड़ को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर उसने 40 गोलियां चलाने की बात कही है तो उसके बदले 4000 गोलियां चलेंगी।
पम्मा ने कहा कि बराड़ ने निज्जर को मरवाकर अच्छा नहीं किया और उसे इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा। उसने बराड़ को चेतावनी देते हुए कहा कि वह 365 दिन छोड़कर 366 दिन का समय ले सकता है और यदि मुकाबला करना है तो दिन और तारीख बताकर सामने आए। पम्मा ने अपने बयान में दावा किया कि पिछले कई वर्षों में उसके खिलाफ हमले की कोशिशें होती रही हैं, लेकिन उसे कोई नुकसान नहीं पहुंचा सका।
निज्जर की हत्या को बताया गद्दारी
पम्मा ने हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर गोल्डी बराड़ पर तीखा हमला किया। उसने कहा कि यदि बराड़ में हिम्मत थी तो निज्जर को सामने से बताकर हमला करना चाहिए था।
पम्मा ने निज्जर को कौम के लिए काम करने वाला व्यक्ति बताते हुए कहा कि उसकी तस्वीरें दुनिया भर के गुरुद्वारों में लगी हैं। उसने बराड़ को चेतावनी दी कि उसका ऐसा हश्र होगा कि सिख समाज के किसी गुरुद्वारे में उसका भोग तक नहीं डाला जाएगा।
पम्मा ने यह भी कहा कि निज्जर के साथियों ने अपनी जिंदगी के लंबे समय जेलों में बिताए हैं और वे कभी किसी के आगे नहीं झुके। इसके विपरीत उसने बराड़ और उसके साथियों पर दर-दर भटकने का आरोप लगाया।
एजेंसियों के इशारे पर काम करने का आरोप
पम्मा ने गोल्डी बराड़ को भारतीय सरकारी एजेंसियों का मोहरा बताया। उसने कहा कि बराड़ निज्जर की हत्या को आपसी विवाद बताकर अपने कथित आकाओं को बचाने की कोशिश कर रहा है।
पम्मा ने अमेरिका की संघीय अभियोग पत्र और एफबीआई की जांच का हवाला देते हुए बराड़ से इन्हें पढ़ने की बात कही। उसने दावा किया कि जांच एजेंसियों के पास फोन कॉल और लोकेशन से जुड़े साक्ष्य हैं।
12 जुलाई की बातचीत का जिक्र
पम्मा ने कहा कि 12 जुलाई को हुई बातचीत में गोल्डी बराड़ ने खुद अपना पक्ष रखने की इच्छा जताई थी और बातचीत रिकॉर्ड नहीं करने की बात कही थी। इसके बावजूद बराड़ ने कथित तौर पर बातचीत का कुछ हिस्सा लीक कर दिया। पम्मा ने इसे विश्वासघात बताया।
जिस रिकॉर्डिंग को लेकर विवाद शुरू हुआ, उसमें गोल्डी बराड़ ने निज्जर की हत्या की जिम्मेदारी लेने की बात कही थी। बराड़ ने निज्जर को शहीद का दर्जा दिए जाने पर आपत्ति जताते हुए उस पर युवाओं को नशे के कारोबार में धकेलने वालों और हथियारों की तस्करी से जुड़े लोगों को संरक्षण देने जैसे आरोप लगाए थे। बराड़ के अनुसार, इन्हीं कारणों से उसकी टीम ने निज्जर को निशाना बनाया था।
दोनों पर आतंकी गतिविधियों से जुड़े आरोप
गोल्डी बराड़ पर गैंगस्टर लॉरेंस के साथ मिलकर पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या की साजिश में शामिल होने के आरोप हैं। वहीं, परमजीत सिंह पम्मा को जुलाई 2020 में भारतीय गृह मंत्रालय ने गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत आतंकी घोषित किया था।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के अनुसार उसका संबंध खालिस्तान टाइगर फोर्स (केटीएफ) से रहा है। हरदीप सिंह निज्जर भी इसी संगठन से जुड़ा था। इससे पहले सिख्स फॉर जस्टिस (एसएफजे) से जुड़े आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने भी गोल्डी बराड़ को धमकी दी थी।
