पैसों के लालच में मजदूरों ने फाजिल्का के थाने पर फेंका था ग्रेनेड, दोनों गिरफ्तार; पाकिस्तान से आने की आशंका
जलालाबाद थाना परिसर में हुए ग्रेनेड हमले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने ...और पढ़ें
-1789408737096_m.webp)
पैसों के लालच में मजदूरों ने फाजिल्का के थाने पर फेंका था ग्रेनेड। फोटो जागरण
HighLights
पुलिस ने जलालाबाद ग्रेनेड हमले का 24 घंटे में खुलासा किया।
गुरप्रीत और मनप्रीत नामक दो युवकों को गिरफ्तार किया गया।
युवकों को पैसों का लालच देकर ग्रेनेड फेंकने को कहा गया।
संवाद सूत्र, जलालाबाद (फाजिल्का)। जलालाबाद के थाना सिटी परिसर में रविवार तड़के हुई धमाके की घटना को लेकर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि थाना परिसर में हुआ धमाका किसी वाहन की बैटरी या तकनीकी खराबी के कारण नहीं, बल्कि ग्रेनेड हमला था।
पुलिस ने 24 घंटे के भीतर मामले को ट्रेस करते हुए दो युवकों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। आरोपितों की पहचान गांव हजारा राम सिंह वाला निवासी गुरप्रीत सिंह व घुबाया निवासी मनप्रीत सिंह के रूप में हुई है।
फिरोजपुर रेंज की डीआईजी स्नेहदीप शर्मा ने सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस कर मामले का खुलासा किया। इस दौरान एसएसपी फाजिल्का गगन अजीत सिंह, डीएसपी लवदीप सिंह भी मौजूद रहे। डीआईजी ने बताया कि पुलिस ने तकनीकी जांच और विभिन्न टीमों की मदद से दोनों आरोपितों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
दोनों युवकों को ग्रेनेड फेंकने का काम दिया गया
गिरफ्तार किए गए युवकों की उम्र करीब 18 से 19 वर्ष के बीच बताई जा रही है। दोनों किसी फैक्ट्री में मजदूरी का काम करते थे। पुलिस के अनुसार दोनों युवकों को ग्रेनेड फेंकने का कार्य दिया गया था। इसके बदले उन्हें पैसे देने का लालच दिया गया था, लेकिन घटना को अंजाम देने के बावजूद उन्हें कोई भुगतान नहीं किया गया। जांच में यह भी सामने आया है कि ग्रेनेड दोनों युवकों तक किसी अन्य माध्यम से पहुंचाया गया था।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि ग्रेनेड कहां से आया और किस नेटवर्क के जरिए इन युवकों तक पहुंचाया गया। पुलिस इस मामले को केवल दो युवकों तक सीमित मानकर जांच नहीं कर रही है। जांच में करीब पांच लोगों के इस पूरी घटना में शामिल होने की आशंका जताई जा रही है।
इनमें से दो युवकों की पहचान होने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो अन्य संदिग्धों की पहचान भी पुलिस के सामने आने की बात कही गई है। इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
थाना परिसर में एक ही ग्रेनेड धमाका हुआ
मामले में फिरोजपुर पुलिस की टीम भी फाजिल्का पुलिस के साथ मिलकर छापेमारी कर रही है। पुलिस के हाथ कुछ सीसीटीवी भी लगे हैं, जिनके आधार पर पुलिस आरोपितों से पूछताछ कर इस नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। डीआईजी ने बताया कि थाना परिसर में एक ही ग्रेनेड धमाका हुआ था। ग्रेनेड थाना परिसर के बाहर की दीवार के पास फेंका गया था, जिसके चलते धमाके का प्रभाव सीमित रहा और बड़ा नुकसान होने से बच गया।
हालांकि थाना परिसर में खड़े पुराने वाहनों के शीशे टूट गए थे और आसपास कांच बिखरा मिला था। जांच में ग्रेनेड के पाकिस्तान से किसी संभावित कनेक्शन को लेकर भी पुलिस की ओर से पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ग्रेनेड सीमा पार से आया था या किसी अन्य माध्यम से आरोपितों तक पहुंचा। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
युवाओं को लालच देकर अपराध में धकेलने का पैटर्न
पुलिस जांच में सामने आए इस मामले से एक बार फिर यह सवाल उठ रहा है कि कम उम्र के युवाओं को पैसे का लालच देकर आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आते रहे हैं, जिनमें युवाओं को लालच देकर गंभीर घटनाओं को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल किया गया।
मौजूदा मामले में भी दोनों आरोपितों की उम्र 18 से 19 साल के बीच है और वे मजदूरी का काम करते हैं। जिन्हें भी पैसों का लालच दिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन युवकों को किसने अपने संपर्क में लिया और इनके पीछे काम करने वाला पूरा नेटवर्क कौन सा है।
