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गुरु, शुक्र, मंगल और सूर्य का महागोचर: नवंबर में होने वाले ये 4 बड़े बदलाव आपके जीवन में क्या दिखाएंगे असर?

Published: Mon, 26 Oct 2026 04:00 PM (IST)

नवंबर 2026 में गुरु, शुक्र, मंगल और सूर्य सहित चार प्रमुख ग्रहों का गोचर होने वाला है। इन गोचरों की ...और पढ़ें

नवंबर 2026 में ग्रहों का गोचर कब है?

नवंबर 2026 में ग्रहों का गोचर कब है?

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। नवंबर का महीना ज्योतिषीय नजरिए से बेहद खास रहने वाला है क्योंकि इस महीने 1 या 2 नहीं बल्कि 4-4 ग्रहों का महागोचर देखने को मिलेग। वैदिक ज्योतिष में ग्रहों के गोचर का महत्व और उनसे होने वाले असर को काफी विस्तार से बताया गया है। आज के आधुनिक दौर में भी इन ग्रहों की गतियों का असर हमारे जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों पर देखने को मिलता है।

अब चाहे वह मानसिक स्वास्थ्य हो या मनोदशा में बदलाव या फिर रिश्तों में संतुलन या करियर में सक्सेस ग्रह की बदलती स्थिति व्यक्ति के जीवन पर कुछ न कुछ असर जरूर दिखाती है। आइए जानते हैं नवंबर 2026 में होने वाले ग्रहों के गोचर के बारे में।

गुरु गोचर 2026

नवंबर का महीन गुरु गोचर के साथ ही शुरू हो रहा है। इस महीने गुरु सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। देवगुरु 31 अक्टूबर 2026, शनिवार को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट पर सिंह राशि में गोचर करेंगे।

गुरु के गोचर होने से करियर में फैसले लेने की क्षमता के साथ ज्ञान में भी वृद्धि होती है। जब गुरु का गोचर अनुकूल हो, तो व्यक्ति अपने करियर में सही फैसले लेने के साथ मुश्किलों का सामना करने में सक्षम होता है। गुरु गोचर का सकारात्मक प्रभाव खासतौर पर शिक्षा, अनुसंधान और अध्यापन से जुड़े क्षेत्रों में देखने को मिलता है।

गुरु गोचर प्रतिकूल होने पर व्यक्ति को फैसले लेने में कठिनाइयों का सामना करने के साथ करियर में कई तरह की बाधाएं देखने को मिल सकती हैं। गुरु का सकारात्मक प्रभाव बढ़ाने के लिए व्यक्ति को पीले रंग के कपड़े पहनने चाहिए। इसके अलावा हल्दी का सेवन और विष्णु जी की पूजा खास लाभकारी हो सकती है।

शुक्र गोचर 2026

वैदिक ज्योतिष में शुक्र को प्रेम, सुंदरता, आकर्षण, भौतिक सुख-सुविधा, कला और वैवाहिक सुख का कारक मान गया है। शुक्र को स्त्री ग्रह कहा गया है। द्रिक पंचांग के अनुसार, शुक्र ग्रह 6 नवंबर शुक्रवार को ही रात 12 बजकर 45 मिनट पर कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। इसके बाद शुक्र 22 नवंबर को शाम 5 बजकर 38 मिनट पर तुला राशि में प्रवेश कर जाएंगे।

शुक्र गोचर के दौरान व्यक्ति के प्रेम-वैवाहिक जीवन में उतार-चढ़ाव की स्थिति देखने को मिल सकती है। इसके अलावा धन हानि के साथ भौतिक असुविधा का भी सामना करना पड़ता है। शुक्र ग्रह को मजबूत करने के लिए व्यक्ति को साफ-सफाई रखने के साथ मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करनी चाहिए।

मंगल गोचर 2026

वैदिक ज्योतिष और संस्कृति में मंगल ऊर्जा, साहस, पराक्रम, और योद्धा (सेनापति) का प्रतीक माना जाता है।

वैदिक ज्योतिष में मंगल ग्रह को ऊर्जा, साहस, पराक्रम और योद्धा (ग्रहों का सेनापति) का प्रतीक माना जाता है। 12 नवंबर 2026, गुरुवार की रात 8 बजकर 30 मिनट पर मंगल ग्रह सिंह राशि में प्रवेश करेंगे।

मंगल का गोचर व्यक्ति को शक्तिशाली बनाता है, लेकिन कभी-कभी यह अधिक उग्रता और चिड़चिड़ापन का कारण भी बन सकता है। मंगल गोचर प्रतिकूल स्थिति में अधिक गुस्सा और आक्रामक व्यवहार का बना सकता है। इस दौरान व्यक्ति को मानसिक तनाव और छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा का सामना करना पड़ सकता है।

सूर्य गोचर 2026

वैदिक ज्योतिष में सूर्य को बेहद खास स्थान मिला हुआ है। सूर्य को ग्रहों का राजा भी माना जाता है। यह आत्मविश्वास, तेजस्वी, अधिकार, प्रतिष्ठा, नेतृत्व, पिता और शासन-सत्ता का कारक माना जाता है।

16 नवंबर 2026, सोमवार को शाम 7 बजकर 48 मिनट पर सूर्य वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे। जहां वह 16 दिसंबर तक रहेंगे और फिर धनु राशि में गोचर करेंगे।

ज्योतिषीय नजरिए से देखा जाए तो सूर्य की ऊर्जा व्यक्ति के जीवन में सफलता हासिल करने के लिए बेहद जरूरी मानी गई है। यदि सूर्य का गोचर प्रतिकूल स्थिति में हो तो व्यक्ति को आत्मविश्वास में कमी, थकान और फैसले लेने की क्षमता में कमी महसूस हो सकती है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।