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Raksha Bandhan 2026: अगर छूट गया सुबह का समय, तो अब इस शुभ मुहूर्त में मनाएं रक्षाबंधन का पर्व

Updated: Fri, 28 Aug 2026 09:25 AM (IST)

Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन 2026 के पावन पर्व पर भाई की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और मंगल कामना के लिए शुभ ...और पढ़ें

रक्षाबंधन 2026 पर कब करें पूजा । (Picture Credit- AI Generated)

रक्षाबंधन 2026 पर कब करें पूजा । (Picture Credit- AI Generated)

HighLights

  1. रक्षाबंधन 2026: 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा।

  2. राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह 5:57 से 9:48 बजे तक।

  3. भाई की लंबी उम्र और समृद्धि के लिए सही विधि से पूजा करें।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली।  रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और स्नेह के बंधन का होता है। इस खास दिन पर बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है और उसकी लंबी उम्र, सुख-समृद्धि, उन्नति और जीवन में सफलता के लिए प्रार्थना करती है।

हालांकि, राखी बांधने से पहले रक्षाबंधन की विशेष पूजा की जाती है। शास्त्रों और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि शुभ मुहूर्त में विधि-विधान के साथ रक्षाबंधन की पूजा की जाए, तो भाई के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, खुशहाली और तरक्की आती है और सभी नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं।

इसलिए राखी बांधने से पहले पूजा की सही विधि और शुभ समय को जानना बहुत जरूरी है। आइए विस्तार से जानते हैं कि साल 2026 में रक्षाबंधन की पूजा किस शुभ मुहूर्त (Raksha Bandhan 2026 Muhurat) में करनी चाहिए और इसकी सही पूजा विधि क्या है, ताकि यह त्योहार आपके भाई के लिए और भी ज्यादा मंगलकारी बन सके।

रक्षाबंधन 2026 पर राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

साल 2026 में रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा। इस दिन राखी बांधने के लिए शुभ समय सुबह 5 बजकर 57 मिनट से 9 बजकर 48 मिनट तक बताया गया है। राखी बांधने का जो शुभ मुहूर्त है, उसी समय पूजा करना भी शुभ रहेगा।

पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 27 अगस्त को सुबह 9 बजकर 8 मिनट पर होगी और इसका समापन 28 अगस्त को सुबह 9 बजकर 48 मिनट पर होगा। वहीं, राहुकाल सुबह 10 बजकर 46 मिनट से दोपहर 12 बजकर 22 मिनट तक रहेगा। इस दौरान राखी बांधने और उसकी पूजा करने से बचें।

रक्षाबंधन पर किन देवी-देवताओं की पूजा करें?

रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने से पहले घर के मुख्य द्वार या दीवार पर गेरू और चावल के घोल से श्रवण कुमार का चित्र बनाकर उनकी पूजा की जाती है। इसके अलावा इस दिन भगवान गणेश और अन्य देवी-देवताओं की पूजा भी की जाती है।

भाई की पूजा के लिए ऐसे करें तैयारी

 के दिन भाई को लकड़ी के पाट पर बैठाएं और उनका मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखें। पूजा की थाली में रोली, कुमकुम, अक्षत, हल्दी, दीपक, राखी और मिठाई रखें।

सबसे पहले घी का दीपक जलाएं। इसके बाद भाई के सिर पर रुमाल या कोई साफ वस्त्र रखें। कुमकुम, हल्दी और अक्षत से भाई के माथे पर मंगल तिलक लगाएं।

राखी बांधने की सही विधि

तिलक लगाने के बाद भाई की आरती उतारें। इसके बाद उसकी दाहिनी कलाई पर राखी बांधें। धार्मिक मान्यता के अनुसार राखी में तीन गांठें लगाना शुभ होता है। ये गांठें सुख, सुरक्षा और समृद्धि के लिए होती है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है