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आज का पंचांग 23 अगस्त : पुत्रदा एकादशी पर क्या है अभिजीत मुहूर्त और अमृत काल ? जानें आज का शुभ और अशुभ समय

Updated: Sun, 23 Aug 2026 05:29 AM (IST)

आज का पंचांग 23 अगस्त 2026: श्रावण शुक्ल पुत्रदा एकादशी पर जानें अभिजीत मुहूर्त, अमृत काल, राहुकाल, गुलिकाल, सूर्योदय-चंद्रोदय और शुभ-अशुभ समय की पूरी जानकारी।

आज का पंचांग: क्‍या है आज के दिन में खास।

आज का पंचांग: क्‍या है आज के दिन में खास।

आनंद सागर पाठक, एस्ट्रोपत्री। आज 23 अगस्त 2026, रविवार को श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पुत्रदा एकादशी है। यह तिथि संतान प्राप्ति और मनोकामना पूर्ति के लिए बेहद शुभ मानी जाती है। आज के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। आज चंद्रमा धनु राशि और मूल नक्षत्र में रहेंगे। अभिजीत मुहूर्त में पूजा-पाठ करना अत्यंत लाभकारी रहेगा, जबकि राहुकाल में शुभ कार्यों से बचना चाहिए। आइए जानते हैं दिल्ली एनसीआर के लिए आज का संपूर्ण पंचांग, शुभ-अशुभ मुहूर्त और सूर्य-चंद्रमा की स्थिति।

तिथि: शुक्ल एकादशी

मास: श्रावण

दिन: रविवार

संवत्: 2083

महत्वपूर्ण विवरण

तिथि: शुक्ल पक्ष की एकादशी – अगले दिन तड़के 4 बजकर 18 मिनट (24 अगस्त) तक, फिर द्वादशी तिथि

योग: विषकुम्भ – प्रातः 06 बजकर 14 बजे मिनट तक, फिर प्रीति

करण: वणिज – दोपहर 03 बजकर 10 मिनट बजे तक

करण: विष्टि (भद्रा) – अगले दिन तड़के 04 बजकर 18 मिनट बजे (24 अगस्त) तक, फिर बव

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

सूर्योदय का समय: प्रातः 05 बजकर 54 मिनट बजे

सूर्यास्त का समय: सायं 06 बजकर 53 मिनट बजे

चंद्रोदय का समय: दोपहर 03 बजकर 55 मिनट बजे

चंद्रास्त का समय: रात 01 बजकर 56 मिनट बजे (24 अगस्त)

सूर्य और चंद्रमा की राशियां

सूर्य देव: सिंह राशि में स्थित हैं

चन्द्र देव: धनु राशि में स्थित हैं

आज के शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11 बजकर 58 मिनट बजे से दोपहर 12:49 बजे तक

अमृत काल: प्रातः 10 बजकर 33 मिनट बजे से दोपहर 12 बजकर 21 मिनट बजे तक

आज के अशुभ समय

राहुकाल: सायं 05 बजकर 15 मिनट बजे से सायं 06 बजकर 53 मिनट बजे तक

गुलिकाल: दोपहर 03 बजकर 38 मिनट बजे से सायं 05 बजकर 15 मिनट बजे तक

यमगण्ड: दोपहर 12 बजकर 24 मिनट बजे से दोपहर 02 बजकर 01 मिनट बजे तक

आज का नक्षत्र

आज चंद्रदेव मूल नक्षत्र (सायं 05 बजकर 44 मिनट बजे तक) के बाद पूर्वाषाढ़ नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।

पूर्वाषाढ़ नक्षत्र: सायं 05 बजकर 44 मिनट बजे से प्रारंभ होकर अगले दिन तक

स्थान: 13°20’ धनु राशि से 26°40’ धनु राशि तक

नक्षत्र स्वामी: शुक्रदेव

राशि स्वामी: बृहस्पतिदेव

देवता: आप: (जल के देवता)

प्रतीक: हाथी का दांत या पंखा

सामान्य विशेषताएं: आत्मविश्वासी, भाग्यशाली, लोकप्रिय, साहसी, बुद्धिमान, विनम्र, ईमानदार, लंबे कद वाले, कभी-कभी अहंकारी, खर्चीले और दूसरों को सलाह देने वाले।

यह दैनिक पंचांग Astropatri.com की तरफ से प्रस्तुत किया गया है। सुझाव या प्रतिक्रिया के लिए कृपया hello@astropatri.com पर संपर्क करें।