अंगूठी का रत्न अचानक टूट जाए तो क्या होता है, शुभ संकेत या आने वाली मुसीबत का इशारा?
क्या आप भी पहने हुए रत्न के अचानक टूट जाने से परेशान हो जाते हैं? जानिए इससे जुड़ी मान्यताएं और इसके ज्योतिषीय संकेत क्या हैं।

रत्न टूटना शुभ या अशुभ? (AI-Generated Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। ज्योतिष और आध्यात्म में रत्नों का बड़ा महत्व है। अक्सर लोग मन की शांति, जीवन में सफलता और ग्रहों के बुरे प्रभाव से बचने के लिए अंगूठी से साथ रत्न धारण हैं। लेकिन, कई बार हमारी उंगली में पहना हुआ रत्न अचानक चटक या टूट जाता है। इसे देखकर कई बार लोग घबरा भी जाते हैं।
क्या सच में अंगूठी के साथ पहना हुआ रत्न टूटने पर मन में कोई शंका लाने की जरूरत है? इसे लेकर तरह-तरह की मान्यताएं हैं। लेकिन, ज्योतिष शास्त्र के भी अपने नियम हैं। तो आइए इस आर्टिकल में पढ़ते हैं इन नियमों और इसके प्रभावों के बारे में।
क्या रत्नों का टूटना किसी अनहोनी का इशारा है?
सबसे पहले तो घबराना बंद कर दीजिए। सदियों पुरानी मान्यताओं की मानें तो रत्न का टूटना हमेशा बुरा नहीं होता। माना जाता है कि रत्न हमारे लिए एक 'सुरक्षा कवच' का काम करता है। जब हम पर कोई बड़ी मुसीबत, नजर-दोष या नकारात्मक ऊर्जा आने वाली होती है, तो रत्न उसे अपने ऊपर ले लेता है।
जिंदगी में नए बदलाव की शुरुआत
कई आध्यात्मिक मान्यताओं के अनुसार, रत्न का टूटना इस बात का भी इशारा है कि आपकी जिंदगी का एक पुराना दौर अब खत्म हो रहा है और कुछ नया शुरू होने वाला है। यह समय थोड़ा रुककर खुद के अंदर झांकने, अपने लक्ष्यों पर दोबारा विचार करने और ध्यान या अपनी दिनचर्या को बेहतर बनाने का होता है।
क्या हैं इसके असली और व्यावहारिक कारण?
- घर या ऑफिस का काम करते समय अगर अंगूठी किसी सख्त जगह (जैसे पत्थर या लोहे) पर टकरा जाए, तो रत्न में दरार आ सकती है।
- अचानक बहुत ज्यादा गर्मी या सर्दी से भी कुछ नाजुक रत्नों पर दबाव पड़ता है और वे चटक जाते हैं।
- रोज पहनने से रत्नों पर खरोंचें आती हैं। लगातार इस्तेमाल से रत्न अंदर से कमजोर होकर टूट सकता है।
टूट जाए तो अब आगे क्या करें?
अगर आपका रत्न चटक गया है या टूट गया है, तो उसे उसी हालत में न पहने रहें। टूटे हुए रत्न को पहनना शुभ नहीं माना जाता। उसे किसी अच्छे ज्वेलर या रत्न विशेषज्ञ के पास ले जाएं। अगर दरार मामूली है और मरम्मत हो सकती है तो ठीक है, लेकिन अगर रत्न बुरी तरह टूट गया है तो उसे उतार देना और नया रत्न धारण करना ही सबसे सही विकल्प है।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।
