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नहाय-खाय से उषा अर्घ्य तक, छठ पूजा की पवित्रता बनाए रखने के लिए इन 6 गलतियों से हमेशा बचें

Published: Wed, 04 Nov 2026 04:00 PM (IST)

छठ पूजा के दौरान व्रत की पवित्रता बनाए रखने के लिए कुछ विशेष नियमों का पालन करना आवश्यक है। इस ...और पढ़ें

छठ पूजा में न करें ये 6 गलतियां, पाएं छठी मैया का आशीर्वाद  (Picture Credit: AI Generated)

छठ पूजा में न करें ये 6 गलतियां, पाएं छठी मैया का आशीर्वाद  (Picture Credit: AI Generated)

HighLights

  1. बिना संकल्प के व्रत करने से पूर्ण फल नहीं मिलता।

  2. घर और पूजा घाट की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।

  3. प्रसाद को जूठा न करें और तामसिक भोजन से बचें।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में किसी भी व्रत-त्योहार की तरह छठ पूजा का विशेष महत्व है। इस साल यह पर्व 13 नवंबर नहाय-खाय से शुरू हो रहा है और इसका समापन 15 नवंबर संध्या अर्घ्य के साथ होगा। इस व्रत को महिलाएं संतान की दीर्घायु की कामना में रखती हैं।

इसे सबसे कठिन व्रतों में से एक माना जाता है क्योंकि इसमें माताएं 36 घंटे का निर्जला उपवास करती हैं और बच्चों की सलामती के साथ अच्छी सेहत की प्रार्थना करती हैं। चार दिनों तक चलने वाले इस अनुष्ठान की अपनी अलग महिमा है। इस दौरान व्रती महिलाएं पूरी श्रद्धा और नियम-निष्ठा के साथ उपवास करती हैं और श्रद्धा से सूर्य देव को अर्घ्य चढ़ाती हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, छठ पूजा में छोटी-सी लापरवाही भी व्रत की पवित्रता को प्रभावित कर सकती है। इसलिए इस महापर्व के दौरान कुछ खास नियमों का पालन करना जरूरी है। आइए आपको बताते हैं कि इन चार दिनों में आपको कौन से नियमों का पालन करना चाहिए और किन गलतियों से बचना चाहिए।

बिना संकल्प के व्रत करना

अगर आप छठ का व्रत करती हैं, तो आपके लिए इस व्रत का संकल्प लेना जरूरी होता है। अगर आप इसका संकल्प लिए बिना ही व्रत करती हैं या संकल्प पूरा नहीं करती हैं, तो व्रत और पूजा का पूर्ण फल नहीं मिलता है।

आमतौर पर परिवार का कोई एक ही सदस्य संकल्प लेकर व्रत करता है, जबकि बाकी सदस्य इसमें सहयोग करते हैं। घर के सदस्यों को भी छठ पूजा के नियमों का पालन करना चाहिए।

घर और घाट की सफाई रखना

अगर आप छठ पूजा के दौरान घर की ठीक से साफ-सफाई नहीं रखते हैं, तो पूजा का फल नहीं मिलता है। यही नहीं इस दौरान आप जिस घाट में पूजा करते हैं, वहां भी सफाई बनाए रखें। इसके साथ ही व्रती महिलाओं को साफ वस्त्र धारण करने चाहिए और शारीरिक सफाई का भी ध्यान रखना चाहिए।

भोग लगाते समय इसे जूठा करना

आप जो भी प्रसाद छठ पूजा में चढ़ाने के लिए बना रहे हैं उसके लिए ध्यान रखें कि आप उसे भूलकर भी न चखें। यही नहीं इस प्रसाद को भोग लगाए बिना बच्चों को भी न खिलाएं। प्रसाद बनाने से पहले उस जगह को अच्छी तरह से साफ करें और स्वयं भी स्नान आदि से निवृत्त होकर प्रसाद बनाएं। इसके अलावा आपको कभी भी भोग का अपमान भी नहीं करना चाहिए।

तामसिक भोजन करना

यदि छठ पूजा वाले घर में कोई भी व्यक्ति तामसिक भोजन करता है या किसी भी तामसिक प्रवृत्ति का पालन करता है, तो व्रत करने वाले को भी इसका फल नहीं मिलता है। व्रत की गरिमा गए रखने के लिए इन चीजों से दूरी बनाए रखना जरूरी होता है।

पूजा की सामग्री पूर्ण रखें

व्रत के समय आपको ध्यान रखना है कि छठ पूजा की सामग्री पूर्ण होनी चाहिए। यदि किसी सामग्री की कमी होती है, तो पूजा पूर्ण नहीं हो पाती है और व्रत का फल भी नहीं मिलता है।

घर में लड़ाई झगड़े न करें

छठ पूजा हमेशा संतान की दीर्घायु की कामना में की जाती है और यदि आप इस दौरान घर में लड़ाई-झगड़े का माहौल रखते हैं, तो यह शुभ नहीं माना जाता है। इस दौरान आप शांति बनाए रखें। यही नहीं व्रती महिला की सेहत का ध्यान रखते हुए उनका पूरा सहयोग देना चाहिए।

अगर आप भी यहां बताए नियमों का पालन करते हुए छठ पूजा और व्रत करेंगी, तो आपके और पूरे परिवार के ऊपर छठी माता की कृपा बनी रहेगी।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।

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