माखन-मिश्री से लेकर पीले फूल तक... यहां देखें जन्माष्टमी पूजा सामग्री की पूरी लिस्ट
जन्माष्टमी (Janmashtami 2026) पर भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के लिए पूजा थाली में विशेष सामग्री शामिल करना महत्वपूर्ण है। इन ...और पढ़ें
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इन चीजों के बिना अधूरी है पूजा (Picture Credits- AI Images)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में जन्माष्टमी (Janmashtami 2026) का पर्व अधिक महत्वपूर्ण है। इस पर्व को बड़े उत्साह के साथ भगवान विष्णु के आठवें अवतार श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस शुभ अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना करने का विधान है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, लड्डू गोपाल की साधना करने से साधक के जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और प्रभु की कृपा प्राप्त होती है। ऐसा माना जाता है कि जन्माष्टमी की पूजा का पूर्ण फल तभी प्राप्त होता है, जब पूजा थाली में विशेष चीजों को शामिल किया जाए। ऐसे में आइए जानते हैं कि जन्माष्टमी की पूजा थाली में किन चीजों को शामिल करना चाहिए।

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जन्माष्टमी पूजा सामग्री लिस्ट (Janmashtami Puja Samagri List)
- जन्माष्टमी पूजा के लिए थाली में पीला चंदन, रोली और आचमन व स्नान के लिए गंगाजल शामिल करें।
- इसके अलावा लड्डू गोपाल के भोग के लिए माखन-मिश्री, धनिये की पंजीरी और चरणामृत या पंचामृत जरूर शामिल करना चाहिए। साथ ही फल और मिठाई का भोग भी लगाया जा सकता है।
- एक बात का विशेष ध्यान रखें कि लड्डू गोपाल तुलसी के पत्ते के बिना भोग स्वीकार नहीं करते हैं। इसलिए भोग थाली में तुलसी के पत्ते जरूर शामिल करें।
- घी का दीपक, धूपबत्ती, कपूर और रुई की बाती भी पूजा थाली में जरूर रखें।
- बांसुरी, मोर पंख और पीले फूलों को भी पूजा थाली में शामिल करने का विशेष महत्व है।
जन्माष्टमी 2026 डेट और शुभ मुहूर्त (Janmashtami 2026 Date and Shubh Muhurat)
वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार जन्माष्टमी का पर्व 04 सितंबर (Kab Hai Janmashtami 2026) को मनाया जाएगा।
भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत- 04 सितंबर को रात 02 बजकर 25 मिनट पर
भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि का समापन- 04 सितंबर को रात 12 बजकर 13 मिनट पर
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रोहिणी नक्षत्र की शुरुआत- 04 सितंबर 04 को रात 12 बजकर 29 मिनट पर
रोहिणी नक्षत्र का समापन- 04 सितंबर को 11 बजकर 04 मिनट पर
चन्द्रोदय समय- रात को 11 बजकर 29 मिनट पर
इन बातों का रखें ध्यान
- जन्माष्टमी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करने के बाद व्रत का संकल्प लें।
- मंदिर की सफाई करने के बाद लड्डू गोपाल की पूजा-अर्चना करें।
- माखन-मिश्री और फल आदि चीजों का भोग लगाएं।
- पूजा के दौरान कृष्ण चालीसा और मंत्रों का जाप करें।
- लहसुन, प्याज, मांस-मदिरा और तामसिक भोजन का सेवन न करें।
- ब्रह्मचर्य का पालन करें।
- अन्न-धन आदि चीजों का दान व अर्पण करें।
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